कोरोना की अपनी दवा पर बाबा रामदेव का ट्वीट, नफरत करने वालों के लिए घोर निराशा की खबर

 

 

  • पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को लॉन्च की थी कोरोना की दवा कोरोनिल
  • आयुष मंत्रालय ने ‘दिव्‍य कोरोना किट’ के विज्ञापन पर रोक लगा दी थी
  • मंत्रालय ने कंपनी से दवा के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था
  • बाबा रामदेव ने 7 दिन में मरीजों को ठीक करने का दावा किया था

नई दिल्ली
बाबा रामदेव ने कोरोना महामारी का सफल इलाज करने का दावा करते हुए कोरोनिल नाम से एक दवा कल बाजार में उतारी थी। लेकिन इस पर बाबा को चौतरफा हमलों का सामना करना पड़ रहा है। आयुष मंत्रालय ने इस दवाई से पल्ला झाड़ दिया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव की काफी किरकिरी हो रही थी।

लेकिन आयुष मंत्रालय ने अब कहा है कि उसे दवा के क्लीनिकल ट्रायल संबंधी सभी दस्तावेज मिल गए हैं और वह शोध के नतीजों के सत्यापन के लिए इस दस्तावेजों का अध्ययन करेगा। इस पत्र के आते ही अब बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया भी आ गई है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का विरोध एवं नफरत करने वालों के लिए घोर निराशा की खबर।

ट्वीट के साथ आयुष मंत्रालय का पत्र
बाबा रामदेव ने अपने ट्वीट के साथ आयुष मंत्रालय का एक पत्र भी संलग्न किया है। दरअसल पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण ने इस बारे में कल मंत्रालय को एक पत्र लिखा था। इसके जवाब में आयुष मंत्रालय ने आचार्य बालकृष्ण को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि उसे दवा के क्लीनिकल ट्रायल संबंधी सभी दस्तावेज मिल गए हैं। मंत्रालय शोध के नतीजों के सत्यापन के लिए इस दस्तावेजों का अध्ययन करेगा।

कोरोना दवा पर सरकार की रोक, क्या बोला पतंजलि ग्रुप?

कोरोना दवा पर सरकार की रोक, क्या बोला पतंजलि ग्रुप?पतंजलि की कोरोना दवा कोरोनिल के प्रचार प्रसार पर आयुष मंत्रालय की रोक के बाद इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। पतंजलि ग्रुप की ओर से आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि ऐसा कम्युनिकेश गैप की वजह से हुआ। देखिए ये वीडियो रिपोर्ट।

लॉन्च होते ही विवाद
बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद की ‘दिव्‍य कोरोना किट’ के विज्ञापन पर आयुष मंत्रालय ने रोक लगा दी थी। मंत्रालय ने रामदेव की कंपनी से दवा के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। पूछा है कि उस अस्‍पताल और साइट के बारे में भी बताएं, जहां इसकी रिसर्च हुई। वहीं उत्तराखंड सरकार से इस आयुर्वेदिक दवा के लाइसेंस आदि के बारे में जानकारी मांगी है।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड हरिद्वार की ओर से कोविड 19 के उपचार के लिए तैयार दवाओं के बारे मे उसे मीडिया से जानकारी मिली। दवा से जुड़े वैज्ञानिक दावे के अध्ययन और विवरण के बारे में मंत्रालय को कुछ जानकारी नहीं है।

क्या बोले थे आयुष मंत्री
केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि रामदेव को अपनी दवा की घोषणा मंत्रालय से इजाजत लिए बिना नहीं करनी चाहिए थी। उन्‍होंने कहा, ‘हमने उनसे जवाब मांगा है। पूरा मामला टास्‍क फोर्स के पास भेजा गया है।’ नाइक के मुताबिक, पतंजलि जो जवाब देगी उसकी और पूरे मामले की समीक्षा टास्‍क फोर्स करेगी। यह देखा जाएगा कि पतंजलि ने कौन-कौन सा फॉर्म्‍युला अपनाया है। सब ठीक रहा तो उनको दवा बेचने की अनुमति दे दी जाएगी। मंत्री के अनुसार, पतंजलि के मंत्रालय से परमिशन ने लेने पर ही आपत्ति है। उन्‍होंने कहा कि कोई दवा लेकर मार्केट में आता है तो उससे किसी को ऐतराज नहीं है।

पतंजलि से मांगी गई है ये जानकारी
आयुष मंत्रालय ने कहा है कि दावों के सत्यापन के लिए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को कोविड 19 के उपचार की दवाओं के नाम और उसके कम्पोजीशन का जल्द से जल्द विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। खासतौर से उस साइट और हॉस्पिटल के बारे में भी पूछा है, जहां इससे जुड़ी रिसर्च हुई। मंत्रालय ने दवा के रिसर्च से जुड़े प्रोटोकॉल, सैंपल साइज, इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी क्लियरेंस, सीटीआरआई रजिस्ट्रेशन और रिसर्च का रिजल्ट डेटा मांगा है। दावों का सत्यापन होने तक विज्ञापन पर रोक रहेगी।

रामदेव ने किया था कोरोना के 100% इलाज का दावा
मंगलवार को दवा लॉन्‍च करते समय रामदेव का दावा था कि यह इतनी असरदार है कि कोरोना के माइल्‍ड से मॉडरेट केसेज 3 से 7 दिन में रिकवर हो जाते हैं। उन्‍होंने ट्रायल के नतीजो का हवाला देते हुए यह दावा किया था। पतंजलि की ‘दिव्‍य कोरोना किट’ में तीन चीजें हैं- कोरोनिल, श्‍वसारि वटी और अणु तेल। कंपनी के अनुसार, कोरोनिल टैबलेट में गिलोय, तुलसी और अश्‍वगंधा मूल घटक हैं।

 
 

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