दूसरे महाचक्रवात का सामना करेगा भारत, ‘अम्फान’ से निपटने के लिए सेनाएं भी अलर्ट

 

 

  • बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘अम्फान’ बन चुका है सुपर साइक्लोन
  • बुधवार को भारतीय तट से टकराने का अनुमान, भारी तबाही की आशंका
  • एनडीआरएफ की टीमों ने संभाला मोर्चा, कई टीमें हॉट स्टैंडबाई पर
  • सेना, एयरफोर्स, नेवी और कोस्ट गार्ड की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया

नई दिल्ली
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात ‘अम्फान’ के 20 मई को विकराल रूप के साथ भारतीय तट से टकराने का अनुमान है। इससे पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही हो सकती है। इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इन राज्यों में राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की 32 टीमें तैनात की गई हैं और 9 टीमों को स्टैंडबाई में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना, एयरफोर्स, नेवी और कोस्ट गार्ड की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है

एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान और भारतीय मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्र ने सोमवार रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तूफान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। महापात्र ने बताया कि ‘अम्फान’ तेजी से विकराल रूप धारण करता जा रहा है। यह 16 मई को बंगाल की खाड़ी में उठा था और सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे सुपर साइक्लोन में तब्दील हो गया। 20 मई को दोपहर से शाम के बीच इसके सुंदरबन में दीघा और हटिया के बीच तट से टकराने का अनुमान है।

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तूफान का रास्ता और तैयारियों पर ग्राफ

पढ़ें- क्या होता है सुपर साइक्लोन? क्यों डर रहा हर कोई

कोरोना संकट में एजेंसियों के सामने दोहरी चुनौती

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख एस.एन. प्रधान ने सोमवार को कहा कि महाचक्रवात को एनडीआरएफ हल्के में नहीं ले रहा है क्योंकि भारत दूसरी बार इस तरह के चक्रवात का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि 1999 के बाद भारत में आने वाला यह दूसरा प्रचंड चक्रवाती तूफान होगा। महानिदेशक ने कहा कि उनके बल ने चक्रवात से प्रभावित होने वाले ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों के लिए 53 टीमों को तैयार रखा है। उन्होंने कहा, ‘यह एक दोहरी चुनौती है क्योंकि चक्रवात कोविड-19 महामारी के समय आ रहा है, हम सभी एहतियात बरत रहे हैं।’

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NDRF ने तस्वीर से समझाया कैसी है तैयारी।

6 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका
इससे पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों तथा पूर्वी मिदनापुर में भारी तबाही हो सकती है। साथ ही कोलकाता और हुबली में भी नुकसान की आशंका है। इस दौरान 165 से 175 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी और कई स्थानों पर 12 से 20 सेमी तक भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में इसका प्रभाव थोड़ा कम रहने का अनुमान है। तूफान से दौरान सामान्य से 4 से 6 मीटर ऊंची लहरें भी उठ सकती हैं। इससे समुद्र का खारा पानी अंदर तक आ सकता है जिससे फसलों, मकानों और पेयजल को नुकसान हो सकता है।

कोरोना काल के बीच 'अम्फान' मचाएगा आफत!

कोरोना काल के बीच ‘अम्फान’ मचाएगा आफत!चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ सुपर साइक्लोन में बदल चुका है और यह 20 मई को गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट को पार कर सकता है। इसके चलते ओडिशा के तटीय इलाकों और पश्चिम बंगाल की गंगा नदी के पास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।

तेज हवा के कारण कच्चे और पुराने पक्के मकानों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने इस दौरान मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोगों को घरों में ही रहना चाहिए और निचले इलाके के लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाना चाहिए।

एनडीआरएफ की टीमें तैनात
एनडीआरएफ के डीजी ने कहा कि तूफान जिस जगह तट से टकराएगा, वह रिहायशी इलाका है और इस कारण जानमाल के नुकसान की भारी आशंका है। केंद्र सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। आज नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक हुई, फिर गृह मंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की और अंत में प्रधानमंत्री ने भी उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस मिलकर तैयारियों में जुटे हैं। पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की 19 और ओडिशा में 13 टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही कई टीमों को स्टैंडबाई पर रखा गया है।

वैज्ञानिक ने बताया, कब खतरनाक रूप लेगा चक्रवाती तूफान 'अम्फान

वैज्ञानिक ने बताया, कब खतरनाक रूप लेगा चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’भारतीय मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ अगले 4 दिनों में बेहद खतरनाक चक्रवात बनने की चेतावनी जारी की है। IMD ने मछुआरों को दक्षिण से मध्य बंगाल की खाड़ी में अगले 24 घंटे में बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी है।

इसके अलावा 6 बटालियनों को हॉट स्टैंडबाई पर रखा गया है। वायु सेना के साथ समन्वय किया गया है ताकि आपात स्थिति में इन टीमों को सी-130 के जरिए प्रभावित इलाकों में पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि देश कोरोना और अम्फान की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। राहत एवं बचाव के दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

 
 

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