अमित शाह का दावा: मोदी-नीतीश जोड़ी ने बिहार को जंगल राज से दिलाई मुक्ति, खत्म किया वंशवाद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीतामढ़ी में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की जोड़ी को बिहार को “जंगल राज” से मुक्त कराने और वंशवाद की राजनीति खत्म करने का श्रेय दिया। उन्होंने लालू-राबड़ी और सोनिया गांधी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे, क्योंकि नीतीश और मोदी ही सत्ता में हैं। यह बयान बिहार की राजनीतिक दिशा और भाजपा के मुख्य चुनावी मुद्दों को दर्शाता है।
अपने पहले के बयानों को दोहराते हुए गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ पर हमला बोला और इसे ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ बताया। शाह ने कहा, “राहुल गांधी हाल ही में यहाँ आए थे। उन्होंने ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ निकाली थी। रीगा सीमा के पास स्थित है; यह नेपाल के पास है। मुझे बताइए, क्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को बिहार की मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए? ये घुसपैठिए गरीबों के अनाज का हिस्सा हड़प लेते हैं, युवाओं से रोज़गार छीन लेते हैं और जो बांग्लादेश से यहाँ आए हैं, उन्हें यहाँ वोट देने और बिहार का मुख्यमंत्री चुनने का कोई अधिकार नहीं है।” केंद्रीय गृह मंत्री ने पहली बार दावा किया कि पूरा बिहार शाम 5 बजे तक मतदान करेगा क्योंकि अब बिहार नक्सल मुक्त है।
उन्होंने कहा, “केंद्र में कांग्रेस सत्ता में थी। बिहार के कई ज़िले नक्सल प्रभावित थे। मतदान दोपहर 3 बजे समाप्त हो जाता था। अब पहली बार पूरा बिहार शाम 5 बजे तक मतदान करेगा क्योंकि अब बिहार नक्सल मुक्त है।” 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होना है, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
