UNGA में शहबाज शरीफ के कश्मीर बयान पर भारत का पलटवार, पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को घेरा

UNGA में शहबाज शरीफ के कश्मीर बयान पर भारत का पलटवार, पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को घेरा

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने कड़े शब्दों में जवाब दिया। भारत ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और इस मुद्दे पर उसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं है।

भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में जवाब देते हुए फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद, दोहरेपन और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ऐसी नीतियों से न तो उसे और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कोई फायदा होने वाला है।

‘जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा’

पेटल गहलोत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर का संदर्भ दिया गया, लेकिन यह भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर पर चर्चा करनी है तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

भारत ने पाकिस्तान पर वहां मानवाधिकारों और बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगाए। ये आरोप भारत के आधिकारिक जवाब का हिस्सा थे।

ओसामा बिन लादेन का भी किया जिक्र

भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए ओसामा बिन लादेन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सैन्य अकादमी के पास लंबे समय तक रह रहा था।

गहलोत ने पाकिस्तान के लोकतांत्रिक शासन को लेकर भी सवाल उठाए और ‘फॉर्म 47 सरकार’ का उल्लेख किया। यह शब्द पाकिस्तान की राजनीति में 2024 के चुनावों के बाद शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार पर विपक्ष द्वारा लगाए गए चुनावी हेरफेर के आरोपों के संदर्भ में इस्तेमाल होता रहा है।

‘कठपुतली आते-जाते रहते हैं’

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान में सेना की भूमिका को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सत्ता में मौजूद लोग बदल सकते हैं, लेकिन उनके अनुसार पाकिस्तान में वास्तविक निर्णय लेने की शक्ति किसके पास है, इस पर भ्रम नहीं होना चाहिए।

उन्होंने पाकिस्तान के धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए और अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया।

पाकिस्तान ने UNGA में फिर उठाया कश्मीर मुद्दा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर को प्रमुखता से उठाया। पाकिस्तान की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि उनका देश कश्मीरियों के कथित ‘आत्मनिर्णय के अधिकार’ के समर्थन में राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन जारी रखेगा।

शहबाज शरीफ ने दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए कश्मीर विवाद के ‘न्यायपूर्ण और निष्पक्ष समाधान’ की आवश्यकता बताई। उन्होंने 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का भी उल्लेख किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की प्रशंसा की।

सिंधु जल को लेकर भी भारत को चेतावनी

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में सिंधु नदी के पानी का मुद्दा भी उठाया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को उनका देश ‘युद्ध की कार्रवाई’ के तौर पर देखेगा।

इस तरह 81वें UNGA सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर, आतंकवाद, मानवाधिकार और सिंधु जल समेत कई मुद्दों पर एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली।

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