जमुई की घटना पर संजय राउत बोले, ‘लोग लालू यादव को आज भी…’
बिहार के जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना पर शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राज्य की बीजेपी की सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार बर्खास्त होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि ये गुंडों की सरकार है. सम्राट चौधरी को अमित शाह ने बनाया है. गुंडों के हाथ में सत्ता देना ये अमित शाह का नशा है. सत्ता में गुंडों की फौज खड़ी करना अमित शाह की हॉबी है. उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि देखिए जाकर कि बिहार की परिस्थिति क्या है? लोग लालू यादव जी को आज भी बोलते हैं कि उनके राज में ‘गुंडाराज’ था. अभी तो ‘महा गुंडाराज’ चल रहा है.
जमुई के आरोपियों का एनकाउंटर
बता दें कि बिहार के जमुई में छात्रा के साथ हैवानियत करने वाले दो आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए. नंदन यादव के पैर में लगी गोली और हरेराम का पैर टूट गया. जमुई कांड के 7 आरोपियों में से 5 आरोपी पकड़ लिये गये हैं. आज दो आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद पकड़ा है. कल 3 आरोपी पकड़े गये थे. बाकी दो की तलाश जारी है.
दोषियों को फांसी की सजा मिले- तेजस्वी यादव
जमुई की घटना पर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, “ये शर्मशार करने वाली घटना है. सरकार में बैठे लोग सरकार के बचाव में लगे हुए हैं. बिहार जेडीयू के अध्यक्ष छिटपुट घटना बताते हैं. इस तरह के बयान शर्मनाक है. जो भी दोषी हैं उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए.”
अगर जुबान के पक्के हैं तो इस्तीफा दें सम्राट चौधरी- तेजस्वी
उन्होंने ये भी कहा कि अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए लालू यादव और आरजेडी पर ये लोग टिप्पणी करते हैं. इनके पास कहने के लिए कुछ भी नहीं है. एक महीने की पेपर कटिंग आपको दिखा देंगे कि महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. अगर जुबान के पक्के हैं तो सम्राट चौधरी इस्तीफा दें.
ललन सिंह ने एनकाउंटर पर क्या कहा?
वहीं, केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के सीनियर नेता ललन सिंह ने कहा कि जमुई की घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली थी. आज पुलिस प्रशासन ने ये साबित कर दिया है कि बिहार में अपराध करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी. अपराधियों को उनके जगह पर पहुंचा दिया जाएगा. इस घटना पर राजनीति करने वाले ‘राजनीतिक वीरों’ से कहना चाहेंगे कि 2005 के पहले का बिहार याद कर लीजिए. सूर्यास्त के बाद घर से कोई बहू-बेटी नहीं निकलती थी. आज कानून का राज है.
