राम आश्रय की SP में वापसी केशव मौर्य बोले- ‘तीन तिकड़म से नहीं पलटेगी बाजी’

राम आश्रय की SP में वापसी केशव मौर्य बोले- ‘तीन तिकड़म से नहीं पलटेगी बाजी’

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विदानसभा चुनावों से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. अब प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. केशव मौर्य का ट्वीट बीजेपी नेता प्रोफेसर रामाश्रय कुशवाहा के सपा में शामिल होने के बाद सामने आया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर शुक्रवार (18 सितंबर) को ट्वीट कर अखिलेश को साल 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान की उनकी रणनीति की याद दिलाई.

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ‘तीन-तिकड़म’ के बावजूद सपा BJP को सत्ता से नहीं हटा सकी. इस बार भी उनकी सभी रणनीति और जातीय समीकरण फेल होने वाली हैं. इसके साथ ही केशव प्रसाद ने बीजेपी की हैट्रीक जीत का दावा भी कर डाला है.

‘सपा के समीकरण होंगे फेल’

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने ट्वीट में  2022 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए लिखा कि उस समय सपा ने राष्ट्रीय लोकदल (RLD) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के साथ गठबंधन किया था और कई वजूद वाले नेताओं को अपने दल में शामिल कराया था. इसके बावजूद वो बीजेपी को सत्ता से नहीं हटा सकी थी. सपा के सभी सामाजिक और राजनीतिक समीकरण धरे के धरे रह गए थे.

सपा के नेतृत्व पर सवाल

केशव मोर्य ने आगे अपनी पोस्ट में सपा के नेतृत्व और उसकी रणनीति पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा, ‘सपा के पास न कोई दृष्टिकोण है और न विश्वसनीय नेतृत्व. जनता का भरोसा तो उसमें कतई नहीं है  इसलिए इस बार भी उसका जातीय समीकरणों और खोखले नारों का खेल धरा का धरा रह जाएगा.’

केशव मौर्य ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि सपा के अखिलेश यादव की कोई भी पैंतरेबाजी तीसरी बार भी बीजेपी की बाजी पलट नहीं पाएगी.  उत्तर प्रदेश में बीजेपी की हैट्रिक तय है और तीसरी बार भी कमल ही खिलेगा.

बीजेपी समेत कई नेता सपा में शामिल

केशव प्रसाद मौर्य का ये पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है जब बीजेपी के नेता और 6 बार के मंत्री रहे प्रोफेसर रामाश्रय कुशवाहा 17 सितंबर को दोबारा सपा में शामिल हो गए हैं. साल 2013 में कुशवाहा ने सपा का हात छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था. कुशवाहा के अलावा रालोद, बसपा, निषाद पार्टी, लेखपाल संघ, अपना दल और AIMIM समेत अलग-अलग संगठनों से जुड़े स्थानीय नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की है.

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