मर्यादा और भक्ति के साथ रामलीला रिहर्सल का विधिवत शुभारंभ

मर्यादा और भक्ति के साथ रामलीला रिहर्सल का विधिवत शुभारंभ
सहारनपुर में रामलीला रिहर्सल से पूर्व पूजा-अर्चना करते समिति के पदाधिकारी।

40वें रामलीला एवं दशहरा महोत्सव की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, कलाकारों ने शुरू की मंचन की तैयारी

सहारनपुर। अंबाला रोड स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के प्रांगण में श्री राधा कृष्ण मंदिर क्लब के तत्वावधान में आयोजित होने वाले 40वें रामलीला महोत्सव एवं दशहरा महोत्सव की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। महोत्सव के सफल आयोजन की तैयारियों के तहत विगत रात्रि रामलीला रिहर्सल का विधिवत शुभारंभ पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस दौरान वातावरण भक्तिमय रहा और समिति के पदाधिकारियों एवं कलाकारों ने पूरी श्रद्धा के साथ रामलीला मंचन की तैयारियों का संकल्प लिया।

रिहर्सल से पूर्व पंडित आत्माराम ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। रामलीला के प्रधान चौ. जोगेंद्र कुमार सहित समिति के पदाधिकारियों और कलाकारों ने पूजा में भाग लेकर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना के बाद कलाकारों ने अपनी-अपनी भूमिकाओं की रिहर्सल शुरू की।

इस बार ये कलाकार निभाएंगे प्रमुख भूमिकाएं

रामलीला क्लब के वरिष्ठ निदेशक हरविंदर कुमार गोसाई एवं आनंद कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि इस वर्ष रामलीला का मंचन भव्य रूप में किया जाएगा। प्रमुख पात्रों के लिए कलाकारों का चयन कर उन्हें उनकी भूमिकाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने बताया कि श्रीराम की भूमिका अतुल सचदेव, लक्ष्मण की भूमिका हर्ष ठाकुर, हनुमान की भूमिका आदित्य प्रजापति, जबकि परशुराम एवं मेघनाथ की भूमिका प्रथम वत्स निभाएंगे। वहीं रावण की शानदार भूमिका आशु सहगल द्वारा निभाई जाएगी। कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को प्रभावी बनाने के लिए रिहर्सल शुरू कर दी है।

‘कलाकार पात्रों का अभिनय नहीं, उन्हें जीने का प्रयास करें’

रामलीला के मंच संचालक एवं प्रचार मंत्री तथा साहित्यकार रमेश चंद्र छबीला ने कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पूजा-अर्चना के साथ रामलीला की विधिवत शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही अब सभी कलाकारों और समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि रामलीला में कलाकार केवल किसी पात्र का अभिनय नहीं करते, बल्कि उन्हें उस पात्र के आदर्श, मर्यादा और भावनाओं को आत्मसात करते हुए उसे जीने का प्रयास करना चाहिए। सभी कलाकार रामलीला की गरिमा और मर्यादा को समझें तथा अपने भीतर किसी भी प्रकार का अहंकार न आने दें।

रमेश चंद्र छबीला ने कहा कि रामलीला के मंच पर छोटा-बड़ा कोई नहीं होता। सभी कलाकार समान हैं और सभी का उद्देश्य एक ही है—श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा को श्रद्धालुओं तक पहुंचाना। उन्होंने कलाकारों से पूरी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ रिहर्सल करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि रामलीला समिति और कलाकारों का एकमात्र लक्ष्य यह होना चाहिए कि मंचन देखने के बाद प्रत्येक श्रद्धालु के मुख से यही निकले कि ‘रामलीला बहुत अच्छी थी।’ इसके लिए सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा।

महोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां तेज

40वें रामलीला एवं दशहरा महोत्सव को लेकर समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंचन से जुड़े कलाकारों के साथ-साथ आयोजन व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारी भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में जुट गए हैं। रिहर्सल के शुभारंभ के अवसर पर समिति के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला।

इस अवसर पर दशहरा प्रमुख संजय कपिल, अक्षय त्यागी, विपिन सलूजा, राकेश शर्मा, राकेश वत्स, सरदार गुरमीत सिंह, चंडी प्रसाद, विक्रांत सैनी, सुरेश कालड़ा, अनुज वत्स, नवदीप आनंद, विकास शर्मा, सचिन घई, विनोद खुराना, आशीष खुराना, मनदीप सिंह, युगांश सहित समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं कलाकार मौजूद रहे।

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