बाबा नारायण दास की पावन धरती जड़ौदा पांडा से ऐतिहासिक ऐलान

बाबा नारायण दास की पावन धरती जड़ौदा पांडा से ऐतिहासिक ऐलान

11 अक्टूबर को देवबंद में होगा ‘त्यागी ब्राह्मण महाकुंभ’, समाज की एकता और अधिकारों को लेकर होगा मंथन

जड़ौदा पांडा। जनपद सहारनपुर के जड़ौदा पांडा में बाबा नारायण दास जी की पावन धरती से त्यागी ब्राह्मण समाज की एकजुटता और भविष्य की दिशा को लेकर बड़ा ऐलान किया गया। गांव में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और पांचों माजरों के सम्मानित लोगों सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। इस दौरान समाज की एकता, युवाओं के भविष्य, सामाजिक कुरीतियों और विभिन्न अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान जड़ौदा पांडा एवं पांचों माजरों के ग्रामीणों ने समिति के पदाधिकारियों का पगड़ी पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे त्यागी ब्राह्मण समाज की एकता, सम्मान और सामाजिक शक्ति का प्रतीक है।

जड़ौदा पांडा से हुआ बड़ा ऐलान

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा 11 अक्टूबर 2026 को देवबंद में ‘त्यागी ब्राह्मण महाकुंभ’ आयोजित करने को लेकर की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह महाकुंभ महज एक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि समाज की एकजुटता, जागरूकता और भविष्य की दिशा तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

महाकुंभ में समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और अधिकारों से संबंधित विषयों पर व्यापक चर्चा किए जाने की बात कही गई। साथ ही समाज के लोगों से बड़ी संख्या में देवबंद पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया गया।

सामाजिक कुरीतियों पर भी हुआ मंथन

बैठक में समाज के सामने खड़ी विभिन्न चुनौतियों को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती केवल राजनीतिक या सामाजिक एकता से नहीं, बल्कि परिवार और युवा पीढ़ी को मजबूत बनाने से भी होगी।

इस दौरान बढ़ती सामाजिक कुरीतियों, युवाओं की हत्याओं, विवाह के बाद बढ़ते तलाक के मामलों, घटती जनसंख्या, परिवार व्यवस्था में आ रहे बदलाव और युवाओं के नशे की ओर बढ़ते कदम जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

इसके अलावा मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों, UGC से जुड़े विषयों, SC/ST एक्ट से संबंधित मुद्दों, आर्थिक आधार पर आरक्षण तथा समाज के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारों पर भी चर्चा की गई।

‘अब समय चर्चा का नहीं, एकजुट होने का’

वक्ताओं ने कहा कि समाज के सामने मौजूद समस्याओं के समाधान के लिए अब केवल बैठकों और चर्चाओं तक सीमित रहने के बजाय संगठित होकर सकारात्मक प्रयास करने की जरूरत है। समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया गया।

उन्होंने कहा कि समाज की एकता, युवाओं का भविष्य, सम्मान की रक्षा और अधिकारों की आवाज को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए गांव-गांव और परिवार-परिवार तक जागरूकता पहुंचाने पर जोर दिया गया।

हर गांव और हर परिवार से भागीदारी का आह्वान

कार्यक्रम में 11 अक्टूबर को देवबंद में आयोजित होने वाले त्यागी ब्राह्मण महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया। समाज के लोगों से अपील की गई कि प्रत्येक गांव से अधिक से अधिक संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचें और हर परिवार की इसमें भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

वक्ताओं ने कहा कि देवबंद की धरती पर आयोजित होने वाला यह महाकुंभ समाज की एकता, जागरूकता और सामूहिक शक्ति का बड़ा संदेश देगा। बैठक के दौरान मौजूद लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया और महाकुंभ की तैयारियों को लेकर व्यापक स्तर पर जनसंपर्क करने का आह्वान किया गया।

Leave a Reply