’11 हजार के नाम पर बुलाया, 1100 का लिफाफा थमाया’, अखिलेश पर ओपी राजभर का ‘राखी घोटाले’ का आरोप

’11 हजार के नाम पर बुलाया, 1100 का लिफाफा थमाया’, अखिलेश पर ओपी राजभर का ‘राखी घोटाले’ का आरोप

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रक्षाबंधन पर महिलाओं को लिफाफे बांटने को लेकर सियासत गरमा गई है। शुक्रवार (28 अगस्त) को सैफई में रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को लिफाफे बांटने के बाद योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।

ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि महिलाओं को 11 हजार रुपये देने के नाम पर बुलाया गया, लेकिन उन्हें सिर्फ 1,100 रुपये का लिफाफा दिया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाते हुए इसे ‘राखी घोटाला’ करार दिया और पूछा कि बाकी 9,900 रुपये कहां गए।

ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव के पास कोई और मुद्दा नहीं बचा तो वह ‘राखी घोटाला’ करके बैठ गए। उन्होंने अखिलेश को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने आसपास मौजूद ‘विभीषणों’ से जल्द छुटकारा पा लेना चाहिए, वरना वे उनकी ही ‘लंका’ लगा देंगे।

राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में रहें या न रहें, उनकी आदतें नहीं बदलतीं। उन्होंने रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर महिलाओं के साथ इस तरह के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए।

11 हजार देने का दावा, 1100 का लिफाफा?

ओपी राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव के कार्यालय में रक्षाबंधन से पहले लिफाफा वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने की बात कहकर बुलाया गया, लेकिन बाद में उन्हें केवल 1,100 रुपये के लिफाफे दिए गए।

राजभर ने दावा किया कि कुछ महिलाओं ने लिफाफा खोलकर देखा तो उसमें सिर्फ 1,100 रुपये मिले। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

‘बाकी 9900 रुपये कहां गए?’

राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए सवाल किया कि अगर 11 हजार रुपये देने की बात थी तो बाकी 9,900 रुपये कहां चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यालय में मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर हर पैकेट से हजारों रुपये निकाल लिए।

राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव को पहले भी अपने आसपास के लोगों को लेकर सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने एक बार फिर कहा कि अगर अखिलेश अपने कथित ‘विभीषणों’ से जल्द छुटकारा पा लें तो उनके लिए बेहतर होगा।

सपा की ओर से क्या जवाब?

ओपी राजभर के इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से इस मामले में क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर है। फिलहाल राजभर के आरोपों ने रक्षाबंधन के मौके पर हुए लिफाफा वितरण कार्यक्रम को लेकर सियासी बहस तेज कर दी है।

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