‘तेल की एक भी बूंद नहीं की जाएगी एक्सपोर्ट अगर…’, अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों से भड़का ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से भारी तनाव पैदा हो गया है. ईरान के खिलाफ अमेरिका के प्रस्तावित ‘आर्थिक युद्ध’ को लेकर तेहरान भड़क गया है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के खिलाफ अमेरिका की “आर्थिक जंग” जारी रहती है, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के अन्य इलाकों से तेल का पूरा निर्यात रोक सकता है.
तेल की एक भी बूंद नहीं की जाएगी एक्सपोर्ट- ईरान
मोहसिन रेजाई ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक अभियान का समर्थन करने या उसमें शामिल होने वाले किसी भी देश के कदम को ईरान “युद्ध की कार्रवाई” मानेगा. रेजाई ने कहा, “अगर आर्थिक युद्ध जारी रहता है, तो तेल की एक बूंद भी एक्सपोर्ट नहीं की जाएगी- न तो होर्मुज जलडमरूमध्य से और न ही फारस की खाड़ी में कहीं से भी. ईरान, ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक युद्ध में किसी भी देश की भागीदारी या समर्थन को युद्ध की कार्रवाई मानेगा.”
आर्थिक प्रतिबंधों का उल्टा भी हो सकता है असर- गालिबाफ
ईरान की ये चेतावनी तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है, जो ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक उपायों की अमेरिकी योजनाओं को लेकर है. इससे पहले रविवार को, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नए आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी के बाद अमेरिका का मजाक उड़ाया. उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए तर्क दिया कि कठोर आर्थिक प्रतिबंधों का अंततः उल्टा असर होता है.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मीट की कीमतें ठीक करने के लिए फ्रोजन मीट इम्पोर्ट करना. ठीक है, शायद यह काम कर जाए. बॉन्ड के लिए क्या प्लान है, क्या फ्रोजन यील्ड इम्पोर्ट करेंगे? हाउसिंग के लिए फ्रोजन होमबायर्स? वेजेज के लिए फ्रोजन पेचेक? फ्रोजन फॉरेन पॉलिसी से फ्रोजन इकॉनमी ही मिलती है. बस एक ही चीज है जो अभी भी चल रही है? ईरान बूमरैंग.”
