लद्दाख सीमा पर 6 राउंड की बात असफल, भारत ने चीन को रोकने के लिए बनाई बड़ी रणनीति

 

 

  • लद्दाख में भारत और चीन के सेनाओं के बीच चरम पर तनाव
  • डोकलाम के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच इतना तनाव
  • लद्दाख के गलवान इलाके में चीनी सैनिकों की मौजूदगी बढ़ी
  • भारत ने भी चीनी चाल पर नजर रखने के लिए बढ़ाई निगरानी

 नई दिल्ली
चीन और भारत के बीच लद्दाख के गलवान नदी इलाके में तनाव चरम पर पहुंच चुका है। कई राउंड की बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलते देख भारत ने भी उस इलाके में सेना की तैनाती बढ़ा दी है। पिछले कुछ सप्ताह में चीन ने इस इलाके में अपनी स्थिति मजबूत की और करीब 5 हजार चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण सीमा (LAC) के करीब तैनात हैं और उसमें कई तो भारतीय सीमा के अंदर तक घुस आए हैं। इस बीच, भारत ने सीमा पर चीनी चाल को काउंटर करने के लिए सेना की तैनाती बढ़ाने के साथ ही निगरानी भी तेज कर दी है।

सीमा पर भारतीय सेना की सतर्क नजर
1962 के भारत-चीन युद्ध का केंद्र रहे गलवान इलाके में LAC के करीब घुसपैठियों को निकालने के लिए भारतीय सेना को बल का प्रयोग न करने की सलाह दी गई है। भारतीय सेना मौजूदा स्थिति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है लेकिन सूत्रों का कहना है कि सीमा के करीब चीनी सेना की संख्या कहीं और ज्यादा है जो घुसपैठियों को सपोर्ट कर रहे हैं।

गलवान इलाके में तिगुने हैं चीना सैनिक?
एक वर्जन के अनुसार, भारतीय सेना की मौजूदगी की तुलना में इस क्षेत्र में चीन के सैनिक तिगुने हैं। इसके अलावा भारी वाहन और संदिग्ध मोबाइल आर्टिलरी सीमा पर देखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि LAC पर चीनी सेना की बड़ी तैनाती एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। हमारे सहयोगी अखबार इकनॉमिक टाइम्स ने पहले की रिपोर्ट में बताया था कि चीन ने गलवान घाटी के करीब सेना तैनात की है। उधर, चीन का कहना है कि सीमा के करीब ब्रिज और सड़क के साथ बड़े पैमाने पर निर्माण का मकसद घाटी पर पूरी तरह से कब्जा करने का मकसद दिखाता है।

रणनीतिक लिहाज से अहम है यह घाटी
इस इलाके का भारत के लिए काफी महत्व है क्योंकि यह घाटी रणनीतिक लिहाज से अहम श्योक-दौलत बेग ओलाइड रोड के करीब है,जो पिछले साल पूरा हुआ था। गलवान घाटी के नजदीक चीनी सेना की मौजूदगी कारोकोरम पास के जाने वाली सड़क के लिए खतरा बन सकते हैं क्योंकि इसी सड़क के जरिए भारतीय सेना की तैनाती की जाती है। भारत ने भी इस इलाके में सेना की तैनाती बढ़ा दी है। निगरानी बढ़ा दी है, चीनी घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए बल का प्रयोग नहीं करने को कहा गया है।

भारत और चीनी सेना के बीच 6 दौर की बातचीत असफल
सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना के साथ 6 दौर की बात असफल रही है। पैंगोंग शो झील और गलवान फिंगर इलाके के करीब चीनी सेना ने स्थायी बंकर बनाने के लिए कुछ इलाके में खुदाई की है। इससे संकेत मिलता है कि चीनी सेना यहां नई पोस्ट बनाना चाहती है। इसका मतलब ये होगा कि 1960 के बाद पहली बार LAC के साथ छेड़छाड़ की कोशिश होगी। ऐसी भी खबरें हैं कि भारत ड्रोन के इस्तेमाल के जरिए ऐसे पॉइंट को खोजने की कोशिश कर रही है जहां से चीनी सेना कोई हरकत कर सकती है।

 
 

Related posts

Top