कट्टरपंथी संदेशों से भरा जीशान का इंस्टाग्राम, खुद को बताया है इस्लामिक स्पीकर; गुलफाम पर भी 1 लाख का इनाम घोषित
साहिबाबाद (गाजियाबाद)। मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख रुपये का इनामी जीशान कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
पुलिस को उसके मोबाइल से उसका एक इंस्टाग्राम पर अकाउंट भी मिला है। उसने इंस्पायर विद जीशान के नाम से अकाउंट बनाया था और इसमें उसने खुद को इस्लामिक स्पीकर बताया है। यह अकाउंट कट्टरपंथी संदेशों से भरा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, इस अकाउंट पर उसने अपने दर्जनाें वीडियो बनाकर अपलोड किए हैं, जिसमें अधिकांश धार्मिक व कट्टरपंथी संदेशों से भरे हुए हैं। यह अकाउंट उसने 26 सितंबर 2025 को बनाया था और अंतिम वीडियो उसने 17 फरवरी 2026 को अपलोड किया है।
लकड़ी के इंटीरियर का काम करता था जीशान
साबिर रजा अजहरी नाम के शायर से वह खासा प्रभावित था, इनके ही सबसे अधिक शायरी उसने अकाउंट पर अपलोड की है। जीशान पिछले करीब दो साल से अपने बड़े भाई गुलफाम के साथ खोड़ा में रह रहा था और वह नोएडा में लकड़ी के इंटीरियर का काम करता था।
गुलफाम पर भी पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। उसकी तलाश में पुलिस की 10 टीमें जुटी हुई हैं। गुलफाम रविवार रात मुठभेड़ के दौरान मौके से फरार हो गया था।
पुलिस को अंदेशा है कि वह एनसीआर क्षेत्र में ही कहीं छिपा हुआ है। इसके चलते पुलिस की टीमें गाजियाबाद, लोनी, दिल्ली समेत अन्य संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
जीशान ने सर्जिकल ब्लेड व गुलफाम ने मेज के पाये से किया था हमला
घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस के हाथ लगी है। इसमें जीशान सर्जिकल ब्लेड से सलीम पर ताबड़तोड़ हमला करता दिखाई दे रहा है और गुलफाम ने पास रखी एक मेज का पाया तोड़कर उससे हमला किया। गुलफाम ने बुरी तरह से सलीम पर पाये से वार किए। शोर मचने पर दोनों बाइक पर बैठकर फरार हो गए।
इस दौरान दाेनों ने सफेद कुर्ता पयजामा पहना हुुआ था जो खून से सन गया था। उनके फरार होेते हुए बाइक के पीछे चल रहे एक राहगीर ने उनकी वीडियो बनाई। बाइक का नंबर उन्होंने मिटाया हुुआ था। सोमवार को यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है।
हमले के बाद एकत्र हुए लोगों से हुई थी बहस
जांच में आया है कि जब जीशान और गुलफाम की हमले के बाद फरार होते हुए आसपास एकत्र हुए लोगों से बहस हो गई थी। लोगों ने हमले का विरोध किया तो दोनों ने उन्हें सलीम को लेकर उल्टा-सीधा कहा। इन्होंने लोगों से कहा कि शर्म आनी चाहिए ये मुस्लिम होकर इस प्रकार की गतिविधियां कर रहा है और आप लोग चुपचाप देख रहे हो। हमने इलाज कर दिया। इसके बाद दोनों मौके से भाग निकले।
मुस्लिम आर्मी मेहदी माडरेटर ग्रुप से थे प्रभावित
आर्मी मेहदी माडरेटर ग्रुप इराकी शिया मिलिशिया ग्रुप है। इस ग्रुप को 2003 में अमरीका के खिलाफ बनाया गया था। इस ग्रुप में मिलिटिंस जुड़े हैं। जीशान आैर गुलफाम इसी ग्रुप से प्रभावित थे और कट्टरपंथी विचारधारा के बन गए थे। पुलिस को जीशान के मोबाइल फोन से इस ग्रुप के बारे में जानकारी भी मिली है। पुलिस इसके आधार पर आगे की जांच कर रही है।
शव देख रो पड़ा जीशान का पिता
जीशान का पिता बुनियाद अली सोमवार को मोर्चरी पहुंचा और वहां बेटे का शव देखा। इसके बाद वह रो पड़ा। उसका कहना था अगर उसे बेटे के कृत्यों का पता होता, तो उसे संभालने का प्रयास करता। वारदात के बाद से उसका दूसरा बेटा फरार है। उसका भी कुछ पता नहीं है।
गुलफाम पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस की 10 टीमों को लगाया गया है। आरोपित को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। – सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण
