shobhit University Gangoh
 

Yes Bank के फाउंडर राणा कपूर के घर पर ED का छापा, खंगाले दस्तावेज

Yes Bank के फाउंडर राणा कपूर के घर पर ED का छापा, खंगाले दस्तावेज
हाइलाइट्स
  • राणा कपूर पर आरोप है कि उन्होंने मनमाने तरीके से लोन बांटे
  • आरोप है कि राणा कपूर ने लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय की
  • आरोप है कि अपने निजी संबंधों के आधार पर लोगों को लोन दिए
  • 2017 में बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था

मुंबई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार शाम को आश्वासन दिया कि अगले 30 दिनों में यस बैंक (Yes Bank) का पुनर्गठन कर दिया जाएगा। सीतारमण के इस बयान के कुछ ही घंटे बाद यस बैंक (Yes Bank) के फाउंडर राणा कपूर के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है। ईडी ने राणा कपूर के खिलाफ केस भी दर्ज किया है।

छापेमारी के दौरान ईडी ने यस बैंक (Yes Bank) से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला है। हालांकि ईडी की तरफ से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक राणा कपूर को लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। यानी राणा कपूर जांच पूरी होने तक देश से बाहर नहीं जा पाएंगे।

गुरुवार शाम को जब भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक (Yes Bank) के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये की निकासी की सीमा तय की तब दुनिया के सामने इस बैंक की खस्ताहाल की बात सामने आ गई थी।

यस बैंक (Yes Bank) में राणा कपूर की हिस्सेदारी शून्य
इस खबर के आने के बाद यस बैंक (Yes Bank) के फाउंडर राणा कपूर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह पिछले 13 महीने से सक्रिय नहीं हैं, इसलिए वे इस संकट पर कुछ नहीं कह सकते हैं। यस बैंक (Yes Bank) ने नवंबर 2019 में शेयर मार्केट को बताया था कि राणा कपूर बोर्ड से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं।

जुलाई 2019 में खबर आई थी कि राणा कपूर की हिस्सेदारी एक चौथाई घटकर महज 3.92 फीसदी रह गई है, जो जून में 11.88 फीसदी थी। राणा की दो इकाइयों- यस कैपिटल और मॉर्गन क्रेडिट्स ने अपनी हिस्सेदारी को 6.29 फीसदी से घटाकर महज 0.80 फीसदी कर दी थी।

इसके अलावा निपॉन इंडिया एएमसी ने राणा कपूर की ओर से गिरवी रखे गए शेयरों की निलामी की थी। कपूर के पास बैंक की 0.80 फीसदी हिस्सेदारी बची है। बताया जाता है कि इस वक्त यस बैंक (Yes Bank) में राणा कपूर की हिस्सेदारी करीब शून्य है।

राणा कपूर ने पर जैसे-तैसे लोन बांटने का आरोप
राणा कपूर पर आरोप है कि निजी रिश्तों को ध्यान में रखकर उन्होंने यस बैंक (Yes Bank) से लोन बांटे। यस बैंक (Yes Bank) ने अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, एस्सेल ग्रुप, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे ग्रूप्स को लोन बांटे हैं। इनके डिफॉल्टर होने से यस बैंक (Yes Bank) की यह हालत हुई है। आरोप है कि इन बड़े कारोबारी घरानों को लोन दिलाने में राणा कपूर की सहमति रही। साल 2018 में राणा कपूर पर कर्ज और बैलेंसशीट में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद आरबीआई ने उन्हें चेयरमैन के पद से जबरन हटा दिया था।

वित्त मंत्री बोलीं, व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार को तलाशा जाएगा
वहीं वित्त मंत्री ने साफ तौर से कहा है कि इस बात का पता लगाया जाएगा कि यस बैंक (Yes Bank) का संकट में पहुंचाने में व्यक्तिगत रूप से कौन जिम्मेदार है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा यस बैंक (Yes Bank) के बोर्ड को भंग करने और जमा खाताधारकों की निकासी सीमा तय करने के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक की 2017 से निगरानी की जा रही थी और इससे संबंधित गतिविधियों की हर दिन निगरानी की गई।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 2017 से बैंक में प्रशासन संबंधी मसले, कमजोर अनुपालन, गलत परिसंपत्ति वर्गीकरण जैसी स्थिति को पाया। उन्होंने कहा कि कर्ज के जोखिम भरे फैसलों का पता चलने के बाद रिजर्व बैंक ने येस बैंक प्रबंधन में बदलाव का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ये फैसले बैंक के हित में किए गए और सितंबर 2018 में एक नए सीईओ की नियुक्ति हुई। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को भी यस बैंक (Yes Bank) में अनियमितताओं का पता चला।

सीतारमण ने कहा कि सरकार चाहती है कि रिजर्व बैंक तात्कालिकता की भावना के साथ यथोचित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि पुनर्गठन योजना 30 दिनों में पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी और एसबीआई ने येस बैंक में निवेश करने की इच्छा जताई है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि येस बैंक के कर्मचारियों की नौकरी, वेतन एक साल तक सुरक्षित रहने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि अनिल अंबानी समूह, एस्सेल, डीएचएफएल, आईएलएफएस, वोडाफोन उन संकटग्रस्त कंपनियों में शामिल हैं, जिन्हें येस बैंक ने कर्ज दिया था।

Jamia Tibbia