‘यह देश संविधान से चलेगा या मनमानी से…’, कर्नल श्रीकांत पुरोहित के प्रोमोशन पर बोले अबू आजमी

‘यह देश संविधान से चलेगा या मनमानी से…’, कर्नल श्रीकांत पुरोहित के प्रोमोशन पर बोले अबू आजमी

भारतीय सेना ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर के पद पर पदोन्नति के लिए मंजूरी दे दी है. यह उनके करियर की प्रगति और 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में बरी कर दिया था. इस मंजूरी के बाद विवाद शुरू हो गया है. इस बीच महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी ने प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा कि यह देश संविधान से चलेगा या मनमानी से चलेगा? सरकार के पास बहुमत है. सरकार जो चाहे कर सकती है, लेकिन यह देश संविधान से चलना चाहिए. कर्नल पुरोहित मालेगांव ब्लास्ट केस में जेल में बंद थे और उसी केस में पुरोहित पांडे समेत कई लोग बंद थे.

सपा नेता ने श्रीकांत पुरोहित के प्रोमोशन पर क्या कहा?

अबू आसिम आजमी ने श्रीकांत पुरोहित को प्रोमोशन मिलने पर कहा कि मालेगांव ब्लास्ट केस में उनकी सरकारी वकील थीं उनका बयान आया था कि उनके ऊपर दवाब था. उन्होंने बताया था कि इस केस के अंदर आरोपी के लिए हमदर्दी करो.

सपा नेता ने कहा कि अगर आरोपी के साथ वकील ही हमदर्दी करेगा तो फिर सजा किसको होगी. इसमें 30-40 गवाह विरोधी हो गए. जो विरोधी होते हैं उनको बुलाया जाता है लेकिन नहीं बुलाया गया. इसमें कुछ गवाहों ने मजिस्ट्रेट के सामने गवाही दी थी कि उन्हें भी नहीं बुलाया गया और सब छूट गए.

सरकार पर भड़के अबू आसिम आजमी

अबू आसिम आजमी ने कहा कि जो ट्रेन ब्लास्ट में 187 लोग मारे गए थे. इसमें जो लोग 19 साल के बाद छूट गए थे. हमारी सरकार ने तुरंत अगली कोर्ट में अपील कर दी कि कैसे छूट गए. उन्होंने आगे कहा कि आम जनता यह जानना चाहती है कि जब 19 साल ट्रेन ब्लास्ट के लोग छूटे तो उसके केस को सरकार ने फिर से देखने की अपील की.

वहीं उन्होंने आगे कहा कि लेकिन मालेगांव ब्लास्ट में कर्नल पुरोहित, पुरोहित पांडे, साध्वी प्रज्ञा पर मामला दर्ज था. इन लोगों के केस में अपील क्यों नहीं की गई यह हम जानना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की तरफ से इस पर एक बयान आ जाए कि इस वजह से इन पर अपील नहीं की गई थी.

सपा नेता अबू आजमी ने लगाए आरोप

अबू आजमी ने अपील न करने पर सरकार पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि क्या इस केस में इसलिए अपील नहीं की गई क्योंकि आरोपी मुस्लिम नहीं थे. उन्होंने कहा कि अब इन्हें सेवा दे दी गई है. पुणे के मिलिट्री मैन अनवर अली का जिक्र करते हुए अबू आजमी ने कहा कि वे 8 साल जेल में रहे.

जेल से निकलने के बाद उन्हें कोई वेतन नहीं मिला और न ही उन्हें उनकी नौकरी वापस मिली. लेकिन यहां पर दो तरह का कानून चल रहा है. यह देश संविधान से चलेगा या मनमानी से चलेगा. यह सवाल हम सरकार से पूछते हैं.


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