सिर्फ यूपी के 33 ग्राम प्रधानों को ही क्यों मिला स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का न्यौता, बाकी राज्यों में क्यों नहीं?

सिर्फ यूपी के 33 ग्राम प्रधानों को ही क्यों मिला स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का न्यौता, बाकी राज्यों में क्यों नहीं?

भारत का स्वतंत्रता दिवस देश का ऐसा त्योहार है, जिसे हर कोई मिलकर मनाता है, चाहे वो किसी भी धर्म, जाति या इलाके का हो. इस साल 15 अगस्त को हम अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं. इस दिन लाल किले से लेकर देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में झंडा फहराया जाता है और देशभक्ति के रंग में हर कोई रंग जाता है. हर साल 15 अगस्त के मौके पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी देश को संबोधित करते हैं और जो लोग देश के लिए बेहतरीन काम करते हैं, उनकी तारीफ भी करते हैं.

इसी क्रम में इस बार उत्तर प्रदेश के 33 ग्राम प्रधानों को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में न्योता दिया गया है. चलिए जानें कि सिर्फ उत्तर प्रदेश के ही 33 ग्राम प्रधानों को क्यों न्योता मिला है.

यूपी के 33 ग्राम प्रधान को मिला न्योता

इस साल का 15 अगस्त उत्तर प्रदेश के लिए एतिहासिक होने वाला है. क्योंकि इस बार उत्तर प्रदेश के 33 ग्राम प्रधानों को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्योता मिला है. इन ग्राम प्रधानों को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. ये ग्राम प्रधान लाल किले पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में देश के अन्य प्रेरणादायी लोगों के साथ शामिल होंगे. उत्तर प्रदेश के इन 33 ग्राम प्रधानों को इसलिए खासतौर पर चुना गया है, क्योंकि ये सभी अपने-अपने क्षेत्र के लिए किसी मिसाल से कम नहीं हैं.

सिर्फ यूपी के ही 33 ग्राम प्रधान को क्यों बुलाया गया

इन ग्राम प्रधानों ने अपने पंचायत क्षेत्रों में योगी सरकार की योजनाओं के तहत ग्रामीण विकास, सफाई, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल पंचायत सचिवालय और लोगों की भागीदारी जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन काम किए हैं. इन प्रयासों से गांवों में अच्छा बदलाव देखने को मिला है और देशभर में ग्रामीण शासन की नई पहचान बनी है. कई ग्राम प्रधानों को उनके काम के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार और सरकारी सम्मान भी मिल चुके हैं. इसीलिए ये ग्राम प्रधान लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.

मजबूत पंचायत शक्ति का प्रतीक हैं ये ग्राम प्रधान

इन ग्राम प्रधानों का अनुभव गांवों के विकास के लिए नए रास्ते खोलेगा और लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देगा. लाल किले पर उनकी मौजूदगी न सिर्फ उनके काम की पहचान होगी, बल्कि पूरे ग्रामीण भारत पर देश का भरोसा भी मजबूत करने का काम करेगी. उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि यहां के गांवों के नेता राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो रहे हैं. ये 33 ग्राम प्रधान अपने-अपने इलाकों के साथ-साथ पूरे यूपी की मजबूत पंचायत शक्ति का प्रतीक हैं.