हरीश राणा को इच्छा मृत्यु देने की प्रक्रिया क्या है? भावुक पिता अशोक ने बताया, कहा- पहले फूड पाइप…
उत्तर प्रदेश स्थित गाजियाबाद में पिछले करीब 13 साल से कोमा में बिस्तर पर पड़े 30 वर्षीय हरीश राणा को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेसिया) देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी है. हरीश के परिवार की याचिका पर जज जस्टिस जे.बी. परदीवाला और जज जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने फैसला सुनाया.कोर्ट ने कहा कि एम्स के पैलिएटिव केयर में हरीश को भर्ती किया जाएगा ताकि मेडिकल ट्रीटमेंट वापस लिया जा सके.
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर हरीश राणा के पिता अशोक राणा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अच्छे आदेश दिए हैं. आदेश तो पारित हो जाते हैं लेकिन उनका ठीक तरीके से पालन नहीं हो पाता है. हम पति पत्नी अब बुजुर्ग हो गए हैं. गाजियाबाद, नोएडा के सीएमओ आए. हमने कहा कि एम्स का बोर्ड लाएं. एम्स का बोर्ड आया और उन्होंने ब्रेन डेड डिक्लियर किया.
हरीश राणा को कैसे दी जाएगी इच्छा मृत्यु?
अशोक राणा ने अपने बेटे का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा पता नहीं कितने बच्चे होंगे. हम चाहते हैं कि सबका भला हो, कल्याण हो. पत्रकारों से बात करते हुए भावुक अशोक राणा ने कहा कि आज जो नियम भारत में लागू होगा, यह सात देशों में लागू है. मैं एक पिता होने के नाते कह रहा हूं कि कितना दुःख होता है. हम जो जजमेंट चाह रहे थे वह हमारी इच्छा से हो गया.
उन्होंने कहा कि पहले हरीश राणा की फूड पाइप हटाइ जाएगी फिर अनुभवी चिकित्सकों की निगरानी में एम्स में रखा जाएगा. फिर धीरे-धीरे पानी देते रहेंगे. हम उसके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान से लाएंगे और उनका अंतिम संस्कार करेंगे. मेरा बेटा टॉपर था. 20 अगस्त 2013 के दिन मेरे बेटे के साथ हादसा हुआ. रात के तीन बजे हम पीजीआई पहुंचे, जहां उसके सिर में चोट थी. पैर के तलवे में नील पड़े हुए थे.
