शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में स्कूल ऑफ एजुकेशन विभाग द्वारा एनईपी 2020 के परिप्रेक्ष्य एवं कौशल-आधारित शिक्षा पर साप्ताहिक शिक्षक विकास कार्यशाला का शुभारंभ

शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में स्कूल ऑफ एजुकेशन विभाग द्वारा एनईपी 2020 के परिप्रेक्ष्य एवं कौशल-आधारित शिक्षा पर साप्ताहिक शिक्षक विकास कार्यशाला का शुभारंभ

गंगोह [24CN] : शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में दिनाँक 18-08-2025 से दिनाँक 08-09-2025 के अंतर्गत स्कूल ऑफ एजुकेशन विभाग द्वारा शिक्षक विकास पर आधारित साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन जा रहा है। इस कार्यशाला में प्रत्येक सप्ताह चार सत्र आयोजित किए जाएंगे, प्रथम सत्र का शुभारंभ दिनांक 18-08-2025 दिन सोमवार को किया गया, जिसका विषय एनईपी 2020 के परिप्रेक्ष्य एवं कौशल-आधारित शिक्षा रहा, इस कार्यशाला में गंगोह व इसके आस-पास के क्षेत्र से लगभग 14 स्कूलों से 40 से अधिक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शामिल रही। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों में 21वीं सदी के आवश्यक कौशल जैसे कि संप्रेषण, समस्या-समाधान, रचनात्मकता, सहयोग एवं आलोचनात्मक चिंतन का विकास करने की समझ को परिपक्व बनाना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह, स्कूल ऑफ एजुकेशन विभाग के डीन एंड हेड प्रो.(डॉ.) प्रशांत कुमार एवं अन्य शिक्षकगण ने मां सरस्वती एवं बाबू विजेंद्र कुमार जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।

कार्यशाला में डीन एंड हेड प्रो.(डॉ.) प्रशांत कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को तकनीकी दक्षता प्रदान करना तथा डिजिटल उपकरणों और नवाचारों के माध्यम से शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाना है। यह कार्यशाला शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास को प्रोत्साहित करती है, जिससे वे समयानुकूल शिक्षा प्रणाली में सार्थक योगदान दे सकें और नीति के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदार बन सकें। आगे उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला के समापन पर सभी शिक्षक प्रतिभागियों को एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह एवं कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने कार्यशाला के आयोजकों एवं उपस्थित विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को अनेक शुभकामनाएं दी। कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों की दक्षताओं और क्षमताओं को उन्नत करने, स्व-अध्ययन, सहकर्मी सहयोग और मूल्यांकन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने हेतु नई ऊर्जा प्रदान होगी।

इस अवसर पर प्रो.(डॉ.) राजीव दत्ता, डॉ. सोमप्रभ दुबे, राम जानकी यादव, बलराम टाँक, रितु शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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