उत्तराखंड: कस्बों की सूरत सुधारने के लिए बनेंगे सेटेलाइट टाउन, सरकार ने चिह्नित किए 31 कस्बे 

 

पलायन की मार और शहरों पर बढ़ती आबादी का बोझ कम करने के लिए अब प्रदेश में सेटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। सेटेलाइट टाउन के रूप में विकसित करने के लिए नियोजन विभाग ने 31 कस्बे चिह्नित किए हैं। ये सेटेलाइट टाउन बड़े शहरों और आसपास के गांवों के बीच एक ऐसे विकसित क्षेत्र के रूप में उभरेंगे, जहां लोग बड़े शहरों की बजाय बस सकेंगे।

नियोजन विभाग के मुताबिक प्रदेश में राज्य गठन के बाद से पलायन का स्वरूप बदला है। अब गांव के लोग रोजगार और बेहतर शिक्षा की तलाश में गांव से उठकर सीधे प्रदेश के बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे खासकर देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है। इस तरह के पलायन को रोकने के लिए ही सेटेलाइट टाउन विकसित करने का सुझाव दिया गया है।

नियोजन विभाग ने ऐसे 31 कस्बों को चिह्नित भी किया है। ये वो कस्बे हैं जिनकी ओर लोग ग्रामीण क्षेत्रों से रुख कर रहे हैं। इस वजह से इन कस्बों का विकास अनियोजित रूप से हो रहा है। कोशिश यह होगी कि इन कस्बों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों को आसपास उपलब्ध कच्चे माल के आधार पर शुरू किया जाए।

साथ ही इन क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास और नजदीक के शहर से बढ़िया सड़क संपर्क दिया जाए। इन कस्बों में शिक्षा और स्वास्थ्य पर खास ध्यान देने और पर्यटन को विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

कस्बों में विकास की पूरी संभावना
नियोजन विभाग का कहना है कि ये वे कस्बे हैं जहां विकास की पूरी संभावना मौजूद है। यहां अगर अवस्थापना सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश किया गया तो ये क्षेत्र आसपास के क्षेत्र को अपने में सहेजने में सक्षम हो जाएंगे।

पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति 
पर्वतीय क्षेत्रों में इन कस्बों को मॉडल हिल टाउन का नाम दिया जा सकता है। पर्वतीय क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं, लिहाजा यहां आपदा प्रतिरोधी भवनों का विकास एवं अन्य संरचनाओं का विकास किया जाए।

इन कस्बों का हुआ चयन
जिला               कस्बे
अल्मोड़ा            चौखुटिया, सोमेश्वर, द्वाराहाट
बागेश्वर            कपकोट, ग्वालदम
चमोली            थराली
चंपावत            बनबसा
देहरादून            चकराता, रायवाला
हरिद्वार            पिरान कलियर
नैनीताल            कालाढूंगी, भवाली, रामगढ़
पौड़ी                सतपुली, दुगड्डा
पिथौरागढ़            बेरीनाग, धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट
रुद्रप्रयाग            ऊखीमठ, जखोली
टिहरी                घनसाली, चमियाला, नरेंद्रनगर
ऊधमसिंह नगर    जसपुर, बाजपुर, किच्छा, सितारगंज
उत्तरकाशी            चिन्यालीसौड़, बड़कोट, पुरोला

इन सुझावों को संबंधित विभागों को भेजा गया है। विभागों की ओर से फीडबैक मिलेगा, उसके आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। नियोजन विभाग ने मानव विकास रिपोर्ट, आर्थिक सर्वे को एक थिंकिंग डॉक्यूमेंट के रूप में विकसित किया है। आर्थिक समीक्षा में भी उत्तराखंड में विकास के नए क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है।
-अमित नेगी, सचिव वित्त एवं नियोजन

 
 

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