UP चुनाव से पहले इस राज्य में हाथ आजमाएगी सपा, कांग्रेस की मुश्किल बढ़ाएंगे अखिलेश यादव?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में अभी एक साल से कुछ कम का वक्त बचा है, लेकिन इस साल होने वाले असम चुनाव में प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी उतर सकती है. पार्टी के सूत्रों के मुताबिक मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर सपा अपने उम्मीदवार उतार सकती है, जो कम से कम 10 हो सकती हैं. इसके पीछे रणनीति पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलानी है. इसको लेकर पार्टी के भीतर मंथन चल रहा है. हालांकि सपा के इस कदम से यहां कांग्रेस को नुकसान हो सकता है.
बीते लोकसभा चुनाव 2024 में सपा ने उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीती थीं, जिसके बाद वह देश की तीसरे नम्बर की पार्टी बन गयी. लेकिन असम में एंट्री से इण्डिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस के साथ उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. क्यूंकि असम में कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है और इस बार जीत के लिए काफी आक्रामक तरीके से जुटी है.
अखिलेश यादव जा सकते हैं प्रचार के लिए
पार्टी के भीतर मंथन चल रहा है कि पार्टी मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, इससे पार्टी के राष्ट्रीय स्वरुप में मदद मिलेगी. क्यूंकि राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिए चार से अधिक राज्यों में 6 फीसदी से अधिक वोट की आवश्यकता होती है. खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी चुनाव प्रचार के लिए जा सकते हैं. असम में सपा के लिए इसलिए भी संभावना है, क्यूंकि अखिलेश यादव और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के अच्छे संबंध हैं. एक तरीका दोनों के गठबंधन में उम्मीदवार भी हो सकते हैं.
महाराष्ट्र-गुजरात में बन चुके विधायक
समाजवादी पार्टी में इससे पहले महाराष्ट्र में दो विधायक बन चुके हैं जबकि गुजरात से भी एक विधायक बन चुका है. ऐसे में अगर असम में संभावनाएं बनेंगी तो सपा इस मूव को आगे ले जाएगी. इसके पीछे आगामी चुनाव में कांग्रेस पर दबाब बनाने की रणनीति भी है. क्यूंकि गठबंधन में कांग्रेस भी यूपी में सीटें ज्यादा मांग सकती है. फिलहाल अभी अटकलों का दौर जारी है.
