किसके दबाव में किया गया सीजफायर? अखिलेश यादव ने लोकसभा में उठाया सवाल

किसके दबाव में किया गया सीजफायर? अखिलेश यादव ने लोकसभा में उठाया सवाल

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लोकसभा में अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में कहा, मैं भारत की सेना काी धन्यवाद देना चाहता हूं। दुनिया में भारत की सेना सबसे आगे रहती है। उनके शौर्य पर हम सबको गर्व है। हमें अपनी फौज पर गर्व है। जब सेना ने अपना ऑपरेशन शुरू किया, तो पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। इसके अलावा पाकिस्तान एयरबेस को भी नष्ट किया। जब हमारी फौज पाकिस्तान को हमेशा के लिए एक पाठ पढ़ा सकती थी। इससे पाकिस्तान भविष्य में कभी ऐसा करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। बड़े चैनलों को देखकर लगता था कि कराची हमारा है, लाहौर है, अब पीओके हमारा हो जाएगा।  हम जानना चाहते हैं कि सरकार पीछे कैसे हट गई। क्या कारण था कि सरकार को सीजफायर का ऐलान करना पड़ा। इन्होंने मित्र से ही कहा कि आप ही सीजफायर का ऐलान कर दीजिए। आखिर किस दबाव में सरकार ने ये स्वीकार कर लिया।”

‘जनता के इमोशन का लाभ उठा रही भाजपा’

अखिलेश यादव ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने साल बाद भी ऐसे मुद्दे बने हुए हैं। ये बात देश की रक्षा की है। हम सब मिल करके कोई नीति क्यों नहीं बनाते कि सीमाएं हमेशा शांत रहें। पहलगाम की घटना ने साबित कर दिया है कि लापरवाही हमारे नागरिकों की जान ले सकता है। उन्होंने कहा कि आप (सरकार) जनता के इमोशन का लाभ उठा रही है, शासन करने के लिए। जिस दिन पहलगाम पर हमला हुआ, उस दिन हर पर्यटक पूछ रहा था कि खतरों के बीच में रक्षा करने वाला वहां कोई क्यों नहीं था। सवाल यही है कि जब घटना हुई तो उन्हें बचाने वाला कोई क्यों नहीं था। सरकार ने कहा था कि 370 हटाने के बाद कोई ऐसी घटना नहीं होगी और पर्यटन बढ़ेगा। वहां पर लोग सरकार के भरोसे पर गए थे, ऐसे में सिक्योरिटी लैप्स की जिम्मेदारी कौन लेगा। पहलगाम की घटना हमारे इंटेलिजेंस का फेलियर है।

‘क्यों हुआ इंटेलिजेंस फेलियर’

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि सरकार क्या-क्या कदम उठा रही है कि ऐसी घटना भविष्य में न हो। क्योंकि पहलगाम से पहले पुलवामा भी हुआ था, उसमें भी इंटेलिजेंस फेलियर था। सरकार को इसकी जानकारी देनी चाहिए कि जब भाजपा सरकार में आई थी, और आज जब हम सदन में चर्चा कर रहे हैं तो भारत का क्षेत्रफल क्या है। पहलगाम  में हुए आतंकी घटना के जवाब में एलजी साहब ने कहा कि यह इंटेलिजेंस फेलियर है, लेकिन यह नहीं बताया कि यह फेलियर क्यों हुआ। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विदेशी लोगों ने दावा किया उन्होंने उसे रुकवाया है। ये बात कई बार आई है कि किसने रुकवाया। हमसे हमारी संप्रभुता खंडित हुई है। देश की विदेश नीति पूरी तरह फेल है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी देश ने हमारा साथ नहीं दिया। हमारे पड़ोसी देश या तो अतिक्रमण कर रहे हैं या हमारा साथ नहीं दे रहे हैं। सीमाओं से समझौता नहीं करना चाहिए।

‘अगर पाकिस्तान से खतरा है तो चीन राक्षस है’

अखिलेश यादव ने कहा कि आखिर पाकिस्तान के पीछे कौन सा देश खड़ा है। हमें चीन से उतना ही खतरा है, जितना आतंकवाद से है। सरकार को अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए विचार करना होगा। बात केवल ट्रिलियन डॉलर की नहीं बल्कि देश की सुरक्षा की है। सरकार को अपनी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक नीतियों के लिए एसआईआर लाने की जरूरत है। हर बार ये नहीं कह सकते हैं कि चूक हुई है। पाकिस्तान पर तो आतंकवाद का खतरा बना रहता है, लेकिन दूसरे देशों की सीमाओं पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन बाद बीजिंग में बहुत बड़ी मीटिंग होने वाली है। हमें पाकिस्तान के अलावा चीन से भी सावधान रहना पड़ेगा। हमारा खतरा पाकिस्तान से नहीं बल्कि चीन से है। वो ना हमारी जमीन छीन रहा है, बल्कि हमारा बाजार भी छीन रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि आत्मनिर्भर भारत का नारा कुछ व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। याद रखें अगर हमें पाकिस्तान से खतरा है तो चीन राक्षस है।

‘ऑपरेशन महादेव में एनकाउंटर कल ही क्यों हुआ?’

उन्होंने आगे कहा कि ये जो अभी आतंकवादी मारे गए हैं हम सभी खुश हैं। लेकिन इस पर हर जगह राजनीति लाभ कौन उठा रहा है। जब समर्थन की बात आई तो सभी राजनीति दल आपके साथ थे। आखिरकार एनकाउंटर कल ही क्यों हुआ। अगर इतना ही ये टेक्नॉलॉजी जानते हैं तो आखिर पुलवामा की जिस गाड़ी में आरडीएक्स आया, वो गाड़ी आजतक क्यों नहीं पकड़ी गई। अगर आज भी भाजपा चाहे तो पुलवामा में जो गाड़ी आई थी वो किस रास्ते से आई थी वो पता लगा सकते हैं।

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