सीआरपीएफ कैंप पर हमले के साजिशकर्ता जैश आतंकी को यूएई ने भारत को सौंपा

 
निसार अहमद तांत्रे (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भारत में वांछित भगोड़ों को सौंपने की लगातार मिसाल पेश कर रहा है। इस बार यूएई ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य निसार अहमद तांत्रे को भारत को सौंप दिया। जैश का यह आतंकी जम्मू-कश्मीर के लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप पर दिसंबर 2017 में हमले का मुख्य साजिशकर्ता है। 30-31 दिसंबर, 2017 की रात हुए इस आतंकी हमले में पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। तब तीनों हमलावरों को मार गिराया गया था।

NIA को सुपुर्द
निसार तांत्रे जैश के दक्षिणी कश्मीर का डिविजनल कमांडर नूर तांत्रे का भाई है। निसार को रविवार को विशेष विमान से दिल्ली लाया गया और यहां उसे नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआई) को सौंप दिया गया। दरअसल,एनआईए लेथपोरा हमले की जांच कर रही है। एनआईए कोर्ट के स्पेशल जज ने निसार के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी किया था, जिसके आधार पर उसे यूएआई से डिपोर्ट करवाया जा सका। माना जाता है कि नूर तांत्रे ने घाटी में जैश को पांव जमाने में मदद की। उसे दिसंबर 2017 में एक एनकाउंटर में मार गिराया गया था।

मिसाल पेश कर रहा है UAE
गौरतलब है कि यूएई पिछले कुछ वर्षों से भगोड़ों को वापस भारत को सौंपने के एक के बाद एक अनोखे उदाहरण पेश कर रहा है जिनमें आतंकवादी भी शामिल हैं। यूएई अगुस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद के मामले में रिश्वतखोरी के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल, मामले में कथित दलाल दीपक तलवार के अलावा सीरियाई आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के समर्थकों, इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य अब्दुल वाहिद सिद्दिबापा और 1993 मुंबई ब्लास्ट के आरोपी फारूख टकला जैसे आतंकवादियों को भारत सरकार को सौंप चुका है। निसार तांत्रे शायद इसी वर्ष भारत से भागकर यूएई चला गया था।

हमले में शामिल था एक पाकिस्तानी आतंकी
लेथपोरा केस में ही पुलवामा के अवंतिपुरा निवासी फय्याज अहमद मैग्रे को फरवरी में गिरफ्तार किया जा चुका था। हमले में जिन तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, उनकी पहचान त्राल निवासी फरदीन अहमद खांडे, पुलवामा के द्रुबग्राम निवासी मंजूर बाबा और पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल शकूर शामिल हैं। शकूर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट का रहने वाला था। फरवरी में एनआई ने जिस आतंकवादी फय्याज को गिरफ्तार किया, वह जैश का सक्रिय सदस्य था। उसी ने हमले में शामिल आतंकियों को छिपने का ठिकाना, हथियार और खुफिया जानकारियां मुहैया कराईं।

 

 
 
Tags , ,

Related posts

Top