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अमेरिका में कोरोना वायरस से उबर चुके मरीज के एंटीबॉडी से बनी दवा, इंसानों पर ट्रायल शुरू

अमेरिका में कोरोना वायरस से उबर चुके मरीज के एंटीबॉडी से बनी दवा, इंसानों पर ट्रायल शुरू

 

  • किलर कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही पूरी दुनिया के लिए एक अच्‍छी खबर है
  • अमेरिका की एक कंपनी ने कोविड-19 से ठीक हो चुके एक मरीज के खून से दवा बनाई
  • कंपनी ने बताया कि कोरोना मरीज को पहली एंटीबॉडी से तैयार दवा का डोज दिया गया
  • कोरोना से अब तक दुनिया में 3,88,256 लोग मारे गए हैं और 65,86,149 लोग संक्रमित

वॉशिंगटन
कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए एक अच्‍छी खबर है। अमेरिका की एली लिली कंपनी (Eli Lilly and Company) ने घोषणा की कि उसने कोविड-19 से ठीक हो चुके एक मरीज के खून के नमूने से दवा बनाई है। इस दवा अब इंसानों पर परीक्षण शुरू हो गया है। अमेरिकी दवा कंपनी ने कहा कि कोरोना मरीज को दुनिया की पहली एंटीबॉडी से तैयार दवा का डोज दिया गया है।

इस दवा को ‘LY-CoV555’नाम दिया गया है। इसे लिली और अब सेल्‍लेरा बायोलॉजी कंपनी ने मिलकर तैयार किया है। इससे पहले मार्च महीने में लिली कंपनी सेल्‍लेरा के साथ एंटीबॉडी से कोरोना वायरस के खात्‍मे के लिए दवा तैयार करने का करार किया था। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि पहले चरण के अध्‍ययन में दवा की सेफ्टी और उसे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के सहन करने की क्षमता का पता लगाया जाएगा।

कंपनी ने कहा कि अगर ट्रायल सफल रहा तो जल्‍द ही बाजार में उतार दिया जाएगा। कंपनी ने कोरोना से ठीक हो चुके मरीज से ब्‍लड सेंपल लेने के मात्र तीन महीने के अंदर इस दवा को तैयार किया है। LY-CoV555 पहली ऐसी दवा है जिसे कोरोना वायरस के खात्‍मे के लिए डिजाइन किया गया है। इस दवा के जरिए कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन की संरचना को निष्क्रिय किया जा सकता है।

कोरोना वायरस स्वस्थ कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाएगा
LY-CoV555 दवा से कोरोना वायरस शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाएगा और ना ही नुकसान पहुंचा पाएगा। कंपनी ने बताया कि अमेरिका में कोरोना वायरस से ठीक हुए पहले मरीज के खून के नमूने से एंटीबॉडी ली गई थी। मरीज को फेफड़ों से जुड़ी तकलीफ थी। उसी के आधार पर एंटीबॉडी से दवा को तैयार किया गया है।

कंपनी को उम्मीद है कि इस दवा के जरिए कोरोना से बीमार लोगों का प्रभावी इलाज हो सकेगा। इस दौरान अध्ययन में पता चला है कि दवा से कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन और उसकी सतह पर बुरा असर पड़ता है। बता दें कि कोरोना वायरस से अब तक दुनिया में 3,88,256 लोग मारे गए हैं और 65,86,149 लोग संक्रमित हैं। अमेरिका कोरोना वायरस महामारी का सबसे बड़ा गढ़ा बना हुआ है। यहां अब तक एक लाख से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील में कोरोना ने कहर मचा रखा है। ब्राजील में 32,568 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो गई है।

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