‘कानून का काम आरोपी को खत्म…’, जीशान-गुलफाम के एनकाउंटर पर कांग्रेस नेता दानिश अली ने उठाए सवाल
गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम अहमद पर हुए जानलेवा हमले के दोनों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है. पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद दानिश अली ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि क्या क़ानून का काम आरोपी को खत्म करना है या फिर न्याय दिलाना. उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के सवालों से बचने के लिए ये माहौल बनाया जा रहा है.
दानिश अली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर एनकाउंटर को लेकर पुलिस को घेरते हुए दोनों आरोपियों को मार गिराने पर सवाल उठाए. उन्होंने लिखा- ‘हिंसा का कोई मजहब नहीं होता लेकिन लोकतंत्र में ये सवाल जरूरी है क्या कानून का काम सिर्फ आरोपी को खत्म करना है या न्याय तक पहुँचना? 2027 के चुनाव से पहले क्या ये एनकाउंटर भी सत्ता बचाने की वही पुरानी स्क्रिप्ट है? जनता की तकलीफों का जवाब नहीं है इसलिए डर का माहौल बनाया जा रहा है.’
दोनों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर
बता दें कि गाजियाबाद में मजहबी कट्टरता और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तविक पर जानलेवा हमले की घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों जीशान और गुलफाम को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया है. अमरोहा के रहने वाले दोनों आरोपी सगे भाई थे. पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों को पिता को सौंप दिया गया.
इन मुठभेड़ों में दो जवान बेटों को खोने के बाद उनके पिता बुनियाद अली का दर्द भी छलक उठा. उन्होंने बताया कि वो दोनों काम का बहाना बनाकर घर से निकले थे. उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वो ऐसा काम कर सकते हैं. बड़ा बेटा गुलफाम शादीशुदा था और छोटा जीशान अविवाहित था. उन्होंने कहा कि अगर उनके बेटे ने अपराध किया तो उन्हें गिरफ़्तार करके सजा देनी चाहिए थी.
