एशिया कप के इतिहास में सिर्फ 2 पाकिस्तानी कप्तान ही जीत पाए ट्रॉफी, 13 साल से खाली हाथ है टीम

एशिया कप के इतिहास में सिर्फ 2 पाकिस्तानी कप्तान ही जीत पाए ट्रॉफी, 13 साल से खाली हाथ है टीम

एशिया कप की शुरुआत साल 1984 में हुई थी। इसके बाद से अभी तक वनडे और टी20 फॉर्मेट दोनों को मिलाकर कुल 16 एडीसन खेले जा चुके हैं, जिसमें से पाकिस्तानी टीम सिर्फ दो बार ही एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर पाई है। एक बार मोईन खान की कप्तानी में और एक बार मिस्बाह उल हक की कप्तानी में।

एशिया कप 2000 के फाइनल में श्रीलंका को चटाई थी धूल

एशिया कप 2000 का एडीसन पाकिस्तानी टीम ने मोईन खान की कप्तानी में जीता था। तब श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में पाकिस्तानी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 277 रन बनाए थे। इसके बाद श्रीलंकाई टीम सिर्फ 238 रनों पर ही सिमट गई और उसने 39 रनों से मैच जीतकर पहली बार एशिया कप की ट्रॉफी पर कब्जा किया था।

साल 2012 में मिस्बाह उल हक की कप्तानी में जीता था खिताब

इसके बाद पाकिस्तानी टीम एशिया कप 2012 के फाइनल में भी पहुंची थी और उसने बांग्लादेश को 2 रनों से शिकस्त दी थी। तब टीम की कमान मिस्बाह उल हक के हाथों में थी। फाइनल में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 236 रन बनाए। इसके बाद बांग्लादेश की टीम सिर्फ 234 रनों पर सिमट गई। शाहिद अफरीदी ने गेंद और बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया था। उन्होंने मैच में कुल 32 रन बनाए थे और एक विकेट भी हासिल किया था। इसी वजह से उन्हें प्लेयर द मैच का अवॉर्ड मिला था।

सलमान अली आगा को पास सुनहरा मौका

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को पिछला एशिया कप खिताब जीते हुए 13 साल हो चुके हैं और उसका खिताब का सूखा खत्म नहीं हुआ है। अब आगामी टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी टीम की कमान सलमान अली आगा को मिली है। टीम में युवा और अनुभवी प्लेयर्स को चांस मिला है। एशिया कप 2025 के लिए पाकिस्तान को ग्रुप-ए में रखा गया है। अब अगर सलमान की अगुवाई में पाकिस्तानी टीम खिताब जीतने में सफल हो जाती है, तो वह एशिया कप की ट्रॉफी जीतने वाले सिर्फ तीसरे पाकिस्तानी कप्तान बनेंगे।

Jamia Tibbia