कोरोना का खतरा अभी टला नहीं, सरकारों के निर्देशों का पालन करें मुसलमान: मौलाना अरशद मदनी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पांच लोगों के साथ मस्जिदों को खोलने की अनुमति के विरोध के बीच जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि राज्य सरकारों ने अपने यहां की स्थिति को देखते हुए धार्मिक स्थलों को शर्तों के साथ खोलने की इजाजत दी है। मौलाना मदनी का कहना है कि मुसलमान अपने- अपने राज्य की सरकारों के निर्देश मानें और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन करें।

मंगलवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी को लेकर जमीयत की ओर से सावधानी बरतने की अपीलें जारी की जाती रही हैं। जिसका लोगों ने पालन भी किया। इसलिए मस्जिदों में नमाज़ अदा करने को लेकर भी जमीयत का यही कहना है कि मुसलमान अपनी- अपनी राज्य सरकारों के निर्देशों को मानते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसका अधिकार राज्य सरकारों को दिया है कि वे अपने यहां धार्मिक स्थलों को खोलें और अपने यहां की स्थिति को देखते हुए इसके लिए शर्तें तय करें। इसलिए राज्यों ने इस संबंध में अलग- अलग रुख अपनाते हुए अलग- अलग शर्तों के साथ मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति दी है। यदि मस्जिद में संभव न हो तो पहले की तरह घरों में नमाज अदा करें।

उन्होंने कहा कि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि समय बीतने के साथ यह महामारी एक खतरनाक मोड़ लेती जा रही है। ऐसे में सावधानी और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।