‘भारतीय युवाओं का सामर्थ्य पूरी मानवता के काम आएगा, दिल्ली घोषणा पत्र ने रचा इतिहास – प्रधानमंत्री मोदी

‘भारतीय युवाओं का सामर्थ्य पूरी मानवता के काम आएगा, दिल्ली घोषणा पत्र ने रचा इतिहास – प्रधानमंत्री मोदी

पिछले सप्ताह नयी दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन का समापन ‘एआई इम्पैक्ट’ पर नयी दिल्ली घोषणा पत्र को अपनाने के साथ हुआ, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर वैश्विक सहयोग में मील का पत्थर है।

पिछले सप्ताह नयी दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन का समापन ‘एआई इम्पैक्ट’ पर नयी दिल्ली घोषणा पत्र को अपनाने के साथ हुआ, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर वैश्विक सहयोग में मील का पत्थर है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दिल्ली में हुए ऐतिहासिक एआई शिखर सम्मेलन में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि प्रौद्योगिकी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।’’

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के घोषणापत्र पर 89 देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं जो आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए एआई का लाभ उठाने पर व्यापक वैश्विक सहमति को दर्शाता है। इस शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पॉहमेलॉ सहित दुनिया भर के नेता और कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) उपस्थित थे।

सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की विषय वस्तु पर आधारित इस शिखर सम्मेलन को भारत को एआई के क्षेत्र में एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में एक ऐसे भविष्य की कल्पना की गई जिसमें एआई मानवता को आगे बढ़ाए, समावेशी विकास को बढ़ावा दे और पृथ्वी के हितों की रक्षा करने में मदद करे।


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