26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण समय की आवश्यकता: वर्मा
सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह वर्मा ने कहा कि छोटे-छोटे राज्यों के निर्माण से ही देश की उन्नति संभव है। इसलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण कराया जाए ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 8 करोड़ जनता के विकास के मार्ग खुल सकें। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह वर्मा कस्बा देवबंद में भाकियू कार्यालय पर आयोजित बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के छोटे राज्य हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना, गोवा, छत्तीसगढ़ इसके उदाहरण हैं जहां प्रति व्यक्ति वार्षिक आय लगातार बढ़ रही है। जबकि बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय सबसे कम हो गई है।
वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों, 6 मंडलों, 27 लोकसभा क्षेत्र व 137 विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर यहां 8 करोड़ जनता की उन्नति के लिए पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण जरूरी है। पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण होने पर यहां प्रति व्यक्ति आय कतर देश से भी अधिक होगी। यहां शिक्षा और चिकित्सा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की होगी और सभी बेरोजगारों को रोजगार मिलने के साथ-साथ किसान, गरीब, मजदूर, छात्र व व्यापारी आदि सभी की समस्याएं हल हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिले प्रदेश सरकार को 80 प्रतिशत राजस्व देते हैं। इसके बावजूद भी यहां शिक्षा और चिकित्सा नाममात्र के लिए है तथा कानून-व्यवस्था बिल्कुल चौपट हो चुकी है। उन्होंने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से राज्य पुनर्गठन आयोग गठित कर उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पृथक पश्चिम प्रदेश बनाने की मांग की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज कपिल ने कहा कि पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यहां के 8 करोड़ लोगों को न्याय पाने के लिए 600 किलोमीटर दूर प्रयागराज स्थित हाईकोर्ट जाना पड़ता है तथा राजधानी लखनऊ 500 किलोमीटर दूर है जहां पश्चिम के लोगों की कोई सुनवाई है।
प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक ने कहा कि युवा शक्ति और छात्रों को पृथक राज्य बनवाने के लिए सड़कों पर आकर संघर्ष करना होगा। बैठक में प्रदेश सचिव ऋषिपाल गुर्जर, स. गुलविंदर सिंह बंटी, वसीम जहीरपुर, सुरेंद्र सिंह एडवोकेट, महबूब हसन, हरपाल सिंह, सुधीर चौधरी, अमित चौधरी, जितेंद्र चौधरी, रविंद्र प्रधान, डा. यशपाल त्यागी, सुभाष शर्मा, अखिल शर्मा, हाजी साजिद, हाजी सुलेमान, सुभाष त्यागी, नीरज सैनी, अजीत सिंह व नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
