लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र (UP Legislature Monsoon Session) के दौरान मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party ) सदन के अंदर तो योगी सरकार पर हमलावर होगी ही, सदन के बाहर भी सरकार को घेरने वाले मुद्दों को हवा देगी। सोमवार को पार्टी के विधान सभा और विधान परिषद सदस्य सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के नेतृत्व में सपा के प्रदेश कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए विधान भवन पहुंचेंगे। उनके हाथों में सरकारी विरोधी नारे लिखीं तख्तियां होंगी।
रविवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में सत्र के दौरान सरकार को कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराधों, सूखे और बारिश से बेहाल किसानों, महंगाई, बेरोजगारी, पशुओं की बीमारी, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में गड़बड़ी आदि के मुद्दों पर घेरने के बारे में चर्चा हुई।
यह भी कहा गया कि राजनीतिक विद्वेष के कारण सपा नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं। बैठक के बाद सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि सपा के सभी विधानसभा व विधान परिषद सदस्य सोमवार सुबह नौ बजे पार्टी कार्यालय पर एकत्र होंगे और 9.45 बजे अखिलेश यादव के नेतृत्व में विधान भवन के लिए कूच करेंगे।
सपा विधायक पार्टी राजभवन के सामने से होते हुए जीपीओ पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने से गुजरेंगे और लोक भवन के समक्ष विधान भवन के अंदर गेट नंबर एक से प्रवेश करेंगे। पैदल मार्च में विधायकों के हाथों में तख्तियां होंगी जिन पर बेरोजगारी, महंगाई, महिलाओं के शोषण, कानून व्यवस्था की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गड़बड़ी, बिजली संकट, किसानों-नौजवानों के साथ हो रहे अन्याय आदि का उल्लेख होगा। उन्होंने कहा कि विधानमंडल सत्र के दौरान सपा जनसमस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाएगी।
