नकुड मे पारा छः डिग्री तक लुढका , वायु प्रदुषण भी डेंजर लेवल पर
- सांस के मरीजो की मुसीबत बढी
नकुड 29 दिसबंर इंद्रेश। क्षेत्र मे कडाके की सर्दी ने आमजन को घरों मे दुबकने का मजबूर कर दिया है। न्यूनतम तापमान छः डिग्री तक लुढक गया है। दिन मे दुपहर बाद सुरज निकल रहा है। जिससे ढंड ओर भी बढ गयी है। जबकि वायु प्रदुषण भी डेंजर लेवल पर है।
नकुड क्षेत्र मे विगत कई दिनो से हाड कंपाने वाली सर्दी पड रही है। पूरी रात धंुध जाती नंही । दिन मे ध्ुांध का असर बना रहता है। जिसके चलते सुरज दुपहर बाद थोडी देर के लिये नजर आता है। कोहरा बढने से पारा छः डिग्री तक लुढक गया है। हांड कंपादेने वाली सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी ने कल ही कक्षा एक से बारह तक के विद्यालयो को एक जनवरी तक बंद रखने के आदेश जारी किये थे। पंरतु इसके बावजूद सोमवार को नगर मे कुछ विद्यालयों संचालको ने डीएम के आदेश को ताक पर रखकर अपने विद्यालयों को खोला। परिणामतः बच्चे सर्दी मे ठिठुरते हुए स्कूल गये।
ठंड बढने के साथ ही वायु प्रदुषण भी बढा
सर्दी बढने के साथ ही क्षेत्र में वायु प्रदुषण भी डेंजर लेवल पर है। सोमवार का एक्यूआई 218 पर था। पीएम 10 , 163.5 रहा। वायुदप्रदुषण बढनेे से क्षेत्र मे सांस के रोगियो की संख्या बढ रही है। चिक्तिसको के क्लीनिक पर सांस के रोगी आ रहे है। चिकित्सको का कहना है कि वायु प्रदुषण के कारण सांस से संबधित बिमारियो बढना स्वाभाविक है। सीएचसी प्रभारी डा0 अमनगोपाल ने कहा कि
सांस के मरीज धुंध के समय घरों से न निकले।
उन्होंने कहा कि धंुध के साथ साथ सडकों पर टरेफिक बढने से वायुमंडल मे धुूल के कण भी बढते हे। जो संास के मरीजो के लिये मुश्किल लेकर आते है। नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डा0 केपी पंवार ने कहा कि यह मौसम संास के मरीजो के लिये कठिन समय लेकर आता है। उन्हें ठंड व कोहरे से बचना चाहिए।
