मंदिर के लिए आज चुनी जाएगी राम लला की मूर्ति, तीन डिजायनों में से किया जाएगा सर्वश्रेष्ठ का चयन
अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. आज (शुक्रवार) को राम लला की तीन मूर्तियों में से एक का चयन किया जाएगा. जिसे गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा.
नई दिल्ली: अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य जारी है. 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा करेंगे. प्राण प्रतिष्ठा के लिए 4000 हजार से ज्यादा साधू-संत अयोध्या पहुंचेंगे. वहीं हजारों की संख्या में राम भक्त भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे. फिलहाल राम मंदिर में 24 घंटों काम चल रहा है और 4000 हजार मजदूर काम कर रहे हैं. वहीं पूरी अयोध्या नगरी में सजावट और सुरक्षा के भी इंतजाम किए जा रहे हैं. इसी बीच खबर आई है कि राम मंदिर में राम लला की मूर्ति का आज चयन किया जाएगा.
इस मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा. इसके राम लला की तीन मूर्तियों में से आज (शुक्रवार) एक के लिए चुनाव होगा. सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की बैठक में वोटिंग होगी. सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग मूर्तिकारों द्वारा बनाए गए तीनों डिजाइनों को मेज पर रखा जाएगा. जिस एक मूर्ति को सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे, उसे 22 जनवरी को मंदिर के अभिषेक के समय स्थापित किया जाएगा. इससे पहले बुधवार को, ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने कहा था कि भगवान राम की पांच साल पुरानी राम लला की 51 इंच ऊंची मूर्ति को तीन डिजाइनों में से चुना जाएगा.
चंपत राय ने कहा कि, “जिसमें सबसे अच्छी दिव्यता होगी और उसके बारे में बच्चों जैसा नजरिया होगा, उस मूर्ति का चयन किया जाएगा.” इस बीच, श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को जिले के शीर्ष अधिकारी के साथ राम जन्मभूमि पथ और परिसर पर चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया.
यह निरीक्षण अगले महीने होने वाले अभिषेक समारोह से पहले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से ठीक दो दिन पहले हुआ. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी शनिवार (30 दिसंबर) को अयोध्या के दौरे पर होंगे. इस दौरान वह शहर को कई सौगात देंगे. मिश्रा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कहा कि, ”काम जल्दबाजी में नहीं किया जा रहा है, बल्कि इसमें पर्याप्त समय लगाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से काम किया जा रहा है.”
उन्होंने कहा कि, “निर्माण कार्य को तीन चरणों में वर्गीकृत किया गया है. पहला चरण दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा, जबकि दूसरा चरण, जब दूसरा चरण जनवरी में मंदिर का निर्माण होने के बाद पूरा होगा. मिश्र ने अधिकारियों को जन्मभूमि पथ पर ‘स्वागत द्वार’ और छत्र के साथ लगाए जा रहे सुरक्षा उपकरणों का काम दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं.
मंदिर के अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक समारोह 16 जनवरी से शुरू होकर सात दिनों तक चलेगा. 16 जनवरी को, मंदिर ट्रस्ट, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा नियुक्त यजमान प्रायश्चित समारोह का संचालन करेंगे. सरयू नदी के तट पर ‘दशविध’ स्नान, विष्णु पूजा और गायों को प्रसाद दिया जाएगा.
वहीं 17 जनवरी को भगवान राम की बाल स्वरूप (राम लला) की मूर्ति लेकर अयोध्या में जुलूस निकाला जाएगा. मंगल कलश में सरयू जल लेकर श्रद्धालु राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचेंगे. वहीं 18 जनवरी को गणेश अंबिका पूजा, वरुण पूजा, मातृका पूजा, ब्राह्मण वरण और वास्तु पूजा के साथ औपचारिक अनुष्ठान शुरू होंगे. जबकि 19 जनवरी को, पवित्र अग्नि जलाई जाएगी, इसके बाद ‘नवग्रह’ की स्थापना और ‘हवन’ किया जाएगा. राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह को 20 जनवरी को सरयू जल से धोया जाएगा, जिसके बाद वास्तु शांति और ‘अन्नाधिवास’ अनुष्ठान होगा. 21 जनवरी को रामलला की मूर्ति को 125 कलशों से स्नान कराया जाएगा. 22 जनवरी की सुबह पूजा के बाद दोपहर में ‘मृगशिरा नक्षत्र’ में राम लला को भव्य सिंहासन पर विराजमान किया जाएगा.
