प्याज की बढ़ती कीमतें थामने को सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, बाजार में अब सस्ता मिलेगा

 
  • खुदरा महंगाई की दर अगस्त में बढ़कर 3.21 फीसद हो गई है, जो जुलाई में 3.15 फीसद पर थी
  • अब 850 डॉलर प्रति टन से कम कीमत पर नहीं होगा प्याज निर्यात, नियंत्रण के लिए कदम
  • देश में प्याज का सालाना उत्पादन करीब 1.7-1.8 करोड़ टन, निर्यात समान्यत: 15 लाख टन

केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों में कमी लाने और निर्यात पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्याज की न्यूनतम निर्यात कीमत (एमईपी) 850 डॉलर प्रति टन तय कर दी है। इसका मतलब है कि अब इस मूल्य से कम पर प्याज का निर्यात नहीं किया जा सकेगा। पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज की कीमतें 20-30 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 40-50 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा कि इस आदेश के बाद सभी तरह के प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य 850 डॉलर एफओबी प्रति मीट्रिक टन तय हो जाएगा। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े प्याज उत्पादक राज्यों के कुछ हिस्सों में आए बाढ़ के कारण केंद्र सरकार ने पिछले महीने जमाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की चेतावनी भी दी थी। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े प्याज उत्पादक राज्यों में भारी बाढ़ के कारण प्याज की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

खुदरा मूल्य 23.90 रुपये प्रति किलो

कीमतें थामने को सरकार ने यह भी तय किया है कि मदर डेयरी के आउटलेट सफल पर प्याज का खुदरा मूल्य 23.90 रुपये प्रति किलो हो। उधर, खुदरा महंगाई की दर अगस्त में बढ़कर 3.21 फीसद हो गई है, जो जुलाई में 3.15 फीसद पर थी। महंगे खाद्य उत्पादों के कारण खुदरा महंगाई दर में यह बढ़ोतरी देखी गई है। देश का प्याज निर्यात समान्यत: 15 लाख टन सालाना है। देश में साल भर में करीब 1.7-1.8 करोड़ टन प्याज का उत्पादन होता है।

 
 

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