shobhit University Gangoh
 

जीवन जीने का सार है श्रीराम कथा: सुदीक्षा

जीवन जीने का सार है श्रीराम कथा: सुदीक्षा
  • सहारनपुर में कथा की अमृत वर्षा करती संत सुदीक्षा।

सहारनपुर [24CN]। संत देवी सुदीक्षा ने कहा कि प्रभु श्रीराम की लीला अपरम्पार है तथा श्रीराम कथा जीवन जीने का सार है। संत देवी सुदीक्षा नुमाइश कैम्प स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्रीराम कथा का गुणगान कर रही थी। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को संसार में धर्मपथ पर चलने के लिए प्रेरित करती है तथा समस्त मानव जाति को बुराई से सद्मार्ग पर चलने की शिक्षा देती है।

उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा एक राजा को अपनी जनता के प्रति, एक बेटे को अपने पिता के प्रति, एक पति को अपनी पत्नी के प्रति, एक भाई को भाई के प्रति, एक मित्र को अपने मित्र के प्रति और एक दुश्मन को दुश्मन के प्रति किस प्रकार अपना मर्यादापूर्वक व्यवहार करना चाहिए। इन सभी से अपनों और सांसारिक रिश्तों के प्रति धार्मिक कर्तव्य को जीने का मर्म सिखाती है। श्रीराम कथा के विश्राम दिवस पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने माला पहना सम्मानित किया। इस दौरान सैंकड़ों रामभक्तों ने फूलों से होली खेलकर सभी को बधाई दी। श्रीराम कथा में राजीव कालिया, प्रवीण कक्कड़, संजय नागपाल, प्रवीण नागपाल, जितेंद्र जग्गा, सोनू छाबड़ा, बंटी सिद्ध, रघुवीर चुग आदि मौजूद रहे।

Jamia Tibbia