नकुड मे रोडवेज बसो की मनमानी, सुबह को चार चार बसे खडी रहती है सडक पर

नकुड मे रोडवेज बसो की मनमानी, सुबह को चार चार बसे खडी रहती है सडक पर
नकुड में बस स्टेंड न होने के बावजूद एक साथ खडी बसे

शाम का घंटो तक बस नहीं मिलती

नकुड 5 मार्च इद्रेश। नकुड मे रोडवेज का बस अडडा न होने के बावजूद रोडवेज चालको व परिचालको की मनमानी मुसाफिरो के लिये परेशानी का सबब बन गयी है। सुबह के समय बस नकुड मंें चार चार पाँच पांच बसे खडी रहती है तो दिन भर मुसाफिर बस की प्रतिक्षा करते करते थक जाते है।

नकुड में न तो रोडवेज का कोई बस अडडा है ओर न ही कोई डिपो। पंरतु इसके बावजूद सबह के समय सहारनपुर रोड पर सरसावा तिराहे के पास चार चार पांच पांच बसे खडी रहती है। जो सवारी न होने के बावजूद पाँच मिनट के अंतराल मे नकुड से सहारनपुर के लिये चलती है। बसे खाली चलने से जंहा रोडवेज को राजस्व की हानि होती है। वंही आम यात्री को दिन बसे नंही मिलती। दिन मे आधा घंटा से पहले नकुड मे सहारनपुर व गंगोह के लिये बसे नंही मिलती।

शाम के समय तो बसो का क्राईसिस ओर भी अधिक होता है। शाम को गंगोह से सहारनपुर वाया नकुड जाने वाली बसो का समायंतराल एक घंटे से भी अधिक हो जाता है। बसो चालको व परिचालको की मनमानी का सीधा फायदा डग्गामार वाहनों को होता है। यात्री डग्गामार तिपहिये वाहनों व ठेकागाडियों मे सहारनपुर जाने को मजबूर होते है। हांलाकि तिपहिया वाहनों को सडक परिवहन विभाग ने सहारनपुर फंदपुरी व फंदपुरी नकुड के लिये अनमति दी है। परतु ये वाहन यात्रियों की जान का दांव पर लगाकर सहारनपुर से सीधे नकुड तक सवारी ढेाते है।

दिन भर जिला मुख्यालय पर जाने वाले यात्री बसो की इंतजार मे खडे रहते है। उन्हंे मजबूरी मे डग्गामार वहानो का सहारा लेना पडता है। रोडवेज का कोई अधिकारी इन बसो की मनमानी पर रोक लगाने के लिये तैयार नंही है।


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