प्रशासन ने इसाई मिशनरी के प्रार्थना भवन पर नोटिस चस्पा किया, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने इसाई मिशनरी के प्रार्थना भवन पर नोटिस चस्पा किया, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई
  • प्रशासन द्वारा दिया गया नोटिस

नकुड। नगर से सटे चंद्रपालखेडी में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांन्तरण के खेल को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने प्रार्थना सभा के संचालक को नोटिस देकर तीन दिन मे जवाब देने के निर्देश दिये है।

गौरतलब है कि विगत सप्ताह हिंदु संगठनो ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल होने के आरोप लगाकर इसे तुरंत बंद कराने की मांग की थी। जिसकी जांच के बाद उपजिलाधिकारी अजय कुमार अंबस्ट ने कथित प्रार्थना सभा के संचालक साजू निकोलस को नोटिस जारी किया है। उपजिलाधिकारी ने नोटिस मे जांच आख्या का जिक्र करते हुए कहा है कि रविवार को बिना किसी अनुमति के यंहा लोगो को एकत्रित कर ईसा मसीह के रास्ते पर चलने के लिये कहा जाता है। जिसे तुरंत रूकवाया जाना आवश्यक है।

उपजिलाधिकारी ने इस नोटिस मे कहा है कि वे उपेक्षा करते है कि अब कोई प्रार्थना सभा का आयोजन नही होगा। साथ पूछा कि यह भी अवगत कराये कि यह आयोजन बिना किसी अनुमति के कैसे किया जा रहा था। साथ चेताया कि यदि तीन दिन के अंदर नोटिस का जवाब नही दिया गया तो प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करेगा। बताया जाता है कि नोटिस पुलिस ने मौके पर चस्पा कर दिया है।

उधर हिन्दू संगठनो ने प्रशासन के नोटिस को रफा-दफा करने की कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि नेाटिस मे जिस प्लाट पर मकान बनाया गया है उसे कथित निकालस का बताया गया है। जबकि इसकी रजिस्ट्री ‘काउसिंल आफ द एसंबली आफ गोड‘ नामक संस्था के नाम है। इस प्लाट पर पर कथित प्रार्थना भवन बनाने से पूर्व नियमानुसार जिलाधिकारी की अनुमति भी नही ली गयी है। जबकि किसी भी धार्मिक स्थल को बनाने के लिये जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक है। प्रशासन ने न तो धार्मिक स्थल बनाने के लिये जिलाधिकारी से ली गयी पूर्व अनुमति ही मांगी है ओर न ही प्रार्थना सभा के कथित संचालक के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही ही की है। उन्होने नियमविरूद्ध बनाये गये इस धार्मिक स्थल को ध्वस्त कराने की मांग की है।