श्रीनगर। बड़गाम में शनिवार रात को छत्तबुग इलाके में आतंकियों के हमले में एक एसपीओ बलिदान हो गया जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है। हमले के बाद आतंकी फरार हो गए। पुलिस ने आतंकियों को पकड़ने के लिए छत्तबुग और उसके साथ सटे इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जाे देर रात गए तक जारी था। हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा का हिट स्क्वाड कहे जाने वाले आतंकी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ को जिम्मेदार माना जा रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने बलिदानी इशफाक अहमद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल बलिदानी का भाई उमर जल्द स्वस्थ होकर घर लौटे, वह इसका कामना करते हैं। इस आतंकी हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बलिदानी एसपीओ के दो अन्य भाई भी पुलिस विभाग में ही कार्यरत हैं। छत्तबुृग और उसके साथ सटे इलाके में बलिदानी के परिवार को पुलिस परिवार भी कहा जाता है। हमले के समय उसके दो अन्य भाई जिनमें एक पुलिस कांस्टेबल हैं और एक एसपीओ है, घर में नहीं थे। बलिदानी के साथ आतंकियों का निशाना बना उसका छोटा भाई एक छात्र है। फिलहाल, वह अस्पताल मे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। बड़गाम से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तबुग में शनिवार रात करीब पौने आठ बजे के करीब गुलाम अहमद मीर के घर के बाहर अचानक आतंकी प्रकट हुए। आतंकियों ने उसके घर का दरवाजा खटखटाया और भीतर दाखिल हो गए। आतंकियों ने कथित तौर पर पूरे परिवार को एक जगह जमा होने के लिए कहा। गुलाम अहमद तीन बेटे पुलिस में ही कार्यरत हैं जबकि सबसे छोटा बेटा छात्र है। उस समय घर में गुलाम अहमद के दो बेटे पुलिस एसपीओ इश्फाक अहमद और उमर जान ही घर में थे। उसके अन्य दो पुलिसकर्मी पुत्र घर पर नहीं थे

बताया जा रहा है कि आतंकियों का इरादा पूरे परिवार को मौत के घाट उतारना था। आतंकियों ने अन्य दो भाईयों को घर पर न पाकर इश्फाक व उमर को अपने साथ चलने के लिए कहा,लेकिन उन्होंने जब प्रतिरोध किया तो आतंकियों ने पर भी अंधाधुंध गोलियों की बौछार शुरु कर दी। इश्फाक और उमर दोनों ही जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें मरा समझ आतकी वहां से फरार हो गए। आतंकियों के जाने के बाद उनके परिजनों ने पुलिस को सूचित किया और पड़ोसियों की मदद से दोनोे को उपचार के लिए जेवीसी बेमिना अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डाक्टरों ने एसपीओ इश्फाक अहमद को बलिदानी लाया करार दे दिया। उसके छोटे भाई उमर जान की हालत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में उसके उपचार में लगे डाक्टरों ने बताया कि उसके पेट में दो गोलियां लगी हैं।