यूजीसी विनियमन 2026 के विरोध में स्वर्ण समाज मुखर, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा

यूजीसी विनियमन 2026 के विरोध में स्वर्ण समाज मुखर, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा
  • सहारनपुर में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन करते स्वर्ण समाज के नागरिक।

सहारनपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोगद्वारा 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए विनियमन के विरोध में स्वर्ण समाज ने कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में  राष्ट्रपति  एवं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सहारनपुर के माध्यम से प्रेषित किया गया।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यूजीसी विनियमन 2026 का दुरुपयोग हिंदू समाज को जातिगत आधार पर विभाजित कर सकता है, जिससे देश की एकता और अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आज स्वर्ण समाज के लोग भाजपा नेता अनेश शर्मा एवं राहुल शर्मा पार्षद राजकुमार शर्मा तथा हिंदू राष्ट्र निर्माण संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुष्यंत राणा के नेतृत्व में आज जुलूस के रूप में जिला मुख्यालय पहुंचे और यूजीसी कानून के नए संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया उन्होंने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहां  कि उक्त विनियमन सामाजिक समरसता को कमजोर करेगा और शिक्षा संस्थानों में जातीय संघर्ष को बढ़ावा देगा।

स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय का उद्देश्य किसी एक वर्ग को असुरक्षित करना नहीं, बल्कि सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना होना चाहिए।  प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि यूजीसी की वर्तमान नीतियाँ मेरिट और योग्यता को कमजोर कर जन्म के आधार पर अवसर तय कर रही हैं।  ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते संतुलित और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिए गए, तो स्वर्ण समाज लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित राजनीतिक दलों की होगी