
विकसित भारत युवा संसद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने रखे विचार
- सहारनपुर में एमएस कालेज में आयोजित विकसित भारत युवा संसद का मंचीय दृश्य।
सहारनपुर। महानगर की प्रमुख शिक्षण संस्था महाराज सिंह कॉलेज के सभागार में आयोजित विकसित भारत युवा संसद का कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने आपातकाल के 50 वर्ष लोकतंत्र के लिए सबक शीर्षक पर अपने विचार व्यक्त किए। कालेज के सभागार में एनएसएस एवं माई भारत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नगर विधायक राजीव गुंबर ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया।
विधायक श्री गुम्बर ने आपातकाल को इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि आपातकाल देश की जनता के साथ अन्याय है। एक लोकतांत्रिक देश में आपातकाल लगाया जाना सही नहीं है तथा लोकतांत्रिक परम्पराओं के विरूद्ध है। छात्रा फातिमा ने आपातकाल के ऋणात्मक प्रभावों के बारे में चर्चा की। गुंजन के अनुसार यह आजादी कोई विरासत नहीं जो चुपचाप मिल जाए यह वो अमानत है जो हर पीढी को निभानी पड़ जाए, अगर आवाज थम जाए तो समझ लेना अंधेरा पास है और जब आवाज जिंदा रहे तभी लोकतंत्र हमारे पास है। हर्षवर्धन ने आपातकाल को लोकतंत्र एवं संविधान की हत्या बताया। शाकिर ने आपातकाल के पक्ष एवं विपक्ष पर चर्चा की। प्रियांशु ने आपातकाल को लोकतंत्र की हत्या बताया।
आकांक्षा ने बताया कि संविधान केवल नियमों की किताब नहीं नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच जो भारत माता को हमेशा जीवित रखता है। रुद्राक्ष ने आपातकाल को लोकतंत्र से अधिनायक तंत्र का पलायन बताया। सावन ने सत्ता ने चाहा था आवाज दबा दे जोर से पर सच का रिश्ता होता नहीं कभी शोर से इन पंक्तियों से संवाद की शुरुआत की। कार्यक्रम के प्रथम 10 विजेता फातिमा, छवि, आर्याव्रत, मिलन, गुंजन, आकांक्षा, सावन, जाकिर, दिया, हर्षवर्धन रहे। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ अनिल कुमार मोमेंटो भेंट कर नगर विधायक राजीव गुम्बर का स्वागत किया। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ रामकुमार, डॉ अरुण कुमार त्यागी, जिला युवा अधिकारी कुश कुमार, जहीर आलम, राम प्रकाश शामिल रहे। मंच का संचालन खुशी ने किया। कार्यक्रम में महाराज सिंह कॉलेज के एनएसएस अधिकारी सचिन कुमार, अभिमन्यु कुमार एवं निधि यादव एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
