‘सपा का चाल-चरित्र और चेहरा दलित विरोधी’, मायावती का तंज- PDA दिवस मनाना सिर्फ नाटकबाजी

‘सपा का चाल-चरित्र और चेहरा दलित विरोधी’, मायावती का तंज- PDA दिवस मनाना सिर्फ नाटकबाजी

नई दिल्ली/लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि सपा का असली चेहरा हमेशा से ही दलित, पिछड़ा वर्ग और बसपा विरोधी रहा है।

उन्होंने कांशीराम जयंती पर सपा द्वारा ‘PDA दिवस’ मनाने की घोषणा को एक “राजनीतिक नाटकबाजी” और चुनावी स्वार्थ के लिए किया गया “छलावा” करार दिया है।

कहा कि सपा का इतिहास बहुजन समाज के संतों और महापुरुषों का सम्मान करने के बजाय उनका अपमान और तिरस्कार करने का रहा है, जिसे मीडिया और जनता अच्छी तरह जानती है।

मायावती ने याद दिलाया गेस्ट हाउस कांड

मायावती ने साल 1993 के सपा-बसपा गठबंधन की विफलता और 2 जून 1995 के ‘लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड’ का जिक्र करते हुए इसे इतिहास की “काली क्रूरता” बताया है।

मायावती जी ने सपा और भाजपा को एक-दूसरे का पूरक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के भड़काऊ आचरण के कारण भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला, जिससे मुस्लिम और बहुजन समाज आज पीड़ित है।

उन्होंने बहुजन समाज से अपील की है कि वे सपा की इस “वोट की राजनीति” और जातिवादी कृत्यों से हमेशा सावधान रहें।


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