सोनम वांगचुक की रिहाई पर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया, कहा- ‘न सिर्फ जनता को धोखा…’
केंद्र की ओर से हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के फैसले के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार (14 मार्च) को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया. सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द किए जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि उन्हें जेल भेजा ही क्यों गया? उन्हें जेल भेजा ही नहीं जाना चाहिए था. उनके आंदोलन को बीजेपी को भी समर्थन करना चाहिए था.
‘BJP ने आश्वासन दिया था कि स्टेटहुड का पूरा दर्जा मिलेगा’
अखिलेश यादव ने कहा, ”बीजेपी ने ही आश्वासन दिया था कि उन्हें स्टेटहुड का पूरा दर्जा मिलेगा. स्टेटहुड की पूरी पावर मिलेंगी लेकिन बीजेपी ने उनके साथ धोखा किया. न सिर्फ जनता को धोखा दिया बल्कि वांगचुक के साथ भी ऐसा व्यवहार किया और उन्हें जेल में जाना पड़ा.”
वांगचुक को हिरासत में कब लिया गया था?
लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद, 26 सितंबर 2025 को वांगचुक को हिरासत में लिया गया था. उन पर विरोध-प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया गया था. विरोध-प्रदर्शनों में 22 पुलिसकर्मियों सहित 45 से अधिक लोग जख्मी हो गए थे. उन्हें लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर कानून व्यवस्था के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था और फिर जोधपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था.
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कब हुए रिहा?
सोनम वांगचुक इस अधिनियम के तहत निर्धारित हिरासत अवधि का करीब आधा समय पहले ही बिता चुके हैं. रातानाडा थाना प्रभारी दिनेश लखावत ने कहा, ”केंद्र सरकार के आदेश के बाद वांगचुक को आज दोपहर करीब 1:30 बजे जेल से रिहा कर दिया गया.” वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए यहां मौजूद थीं.
