संभल पुलिस पर कोर्ट के आदेश ना मानने का आरोप, सपा चीफ अखिलेश यादव ने साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले दिनों सीजेएम कोर्ट ने दो मामलों में पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश संभल पुलिस को दिए थे. मगर कोर्ट के आदेश के बावजूद भी अभी तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर संभल पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया है, जिसे लेकर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर संभल पुलिस पर निशाना साधा है.
कोर्ट का 19 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश
इसमें पहला मामला बदायूं निवासी ओमवीर नाम के एक व्यक्ति का है, जिसे संभल पुलिस ने लुटेरा बता कर फर्जी मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन पुलिस अब खुद इस मामले में बुरी तरह फंस गई हैं, क्योंकि पुलिस ने जिस समय ओमवीर पर लूट की वारदात दिखाई थी, उस वक्त वह अन्य मामले में जेल में बंद था. जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने थाना अध्यक्ष सहित 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन 20 दिनों बाद भी संभल पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया हैं. वहीं दूसरा मामला संभल हिंसा से जुड़ा है.
संभल हिंसा के दौरान आलम नामक युवक को गोली मारने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने तीन दिन पहले ही तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन संभल के एसपी विश्नोई के हवाले से मीडिया में खबर आई की उन्होंने साफ कह दिया है कि हम पुलिस वालों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश को संभल पुलिस ऊपर की अदालत में चुनौती देगी.
घायल बेटे की याचिका पर कोई सुनवाई नहीं
आलम नाम के व्यक्ति के पिता ने संभल कोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. याचिका कर्ता का दावा है कि उसका बेटा 24 नवंबर 2024 को ठेले पर बिस्किट बेचने निकला था. तभी पुलिस की मौजूदगी में फायरिंग हुई, जिसमें उसके बेटे आलम को गोली लगी थी. फिर कई अस्पतालों में चक्कर लगाने के बाद किसी तरह उसके बेटे की जान बची.
याचिकाकर्ता का दावा है कि अपने घायल बेटे की जान बचाने के बाद उसने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए जिले के कप्तान से लेकर उच्चाधिकारियों तक के पास गया लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद वो कोर्ट पहुंचा और संभल कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस से एफआईआर दर्ज कर एक हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने को कहा था.
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर संभल पुलिस पर साधा निशाना
संभल में शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने के दावे से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई करते हुए संभल कोर्ट ने 19 नवंबर 2024 को एएसआई से जामा मस्जिद का सर्वे करने का आदेश दिया था. एएसआई ने उसी दिन शाम से रात तक सर्वे किया, लेकिन जब दोबारा सर्वे टीम 24 नवम्बर को सुबह शाही जामा मस्जिद में सर्वे करने पहुंची तो बाहर अचानक भीड़ इकट्ठी हो गई और उन्होंने पथराव शुरू कर दिया था. इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हुई थी.
अब इस मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी सहित 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सीजेएम कोर्ट ने दे दिया है, जिसे लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करते हुए संभल पुलिस पर निशाना साधा है.
