…..तो किसान ६ फरवरी को करेंगे गन्ना भवन का घेराव
- सहारनपुर में भाकियू वर्मा की बैठक को सम्बोधित करते राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह वर्मा।
सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार किसान विरोधी कार्य कर रही है जिसके चलते अन्नदाता किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की समस्या को लेकर भाकियू वर्मा आगामी 6 फरवरी को सहारनपुर स्थित गन्ना भवन का घेराव करेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह वर्मा आज यहां पेपर मिल रोड स्थित कार्यालय पर गन्ना किसानों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को 14 दिन तो किया 14 महीने में भी चीनी मिलों से भुगतान नहीं हो रहा है। अभी तक प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है जो गन्ना किसानों के साथ सरासर अन्याय है। श्री वर्मा ने कहा कि सहारनपुर जनपद की छह चीनी मिलों पर पिछले वर्ष व वर्तमान गन्ना पेराई सीजन का 500 करोड़ रूपए गन्ना मूल्य भुगतान व 550 करोड़ रूपए ब्याज बकाया है। उन्होंने कहा कि जनपद की चीनी मिलें आज तक 790 करोड़ रूपए मूल्य के गन्ने की पेराई कर चुकी हैं जिसमें से अब चीनी मिलों ने केवल 335 करोड़ रूपए का ही भुगतान किया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान पेराई सत्र को शुरू हुए ढाई माह हो चुके हैं परंतु अब तक सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। जबकि इस साल गन्ने पर महंगाई के कारण सबसे अधिक लागत आई है। एक कुंतल गन्ने के उत्पादन पर 450 रूपए प्रति कुंतल की लागत आई है। डा. एम. एस. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सी-2 प्लस 50 प्रतिशत के हिसाब से गन्ने का मूल्य 675 रूपए प्रति कुंतल होना चाहिए।
उन्होंने भाजपा की योगी सरकार, गन्ना विभाग व चीनी मिल मालिकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही गन्ने का लाभकारी मूल्य 600 रूपए प्रति कुंतल घोषित नहीं किया और चीनी मिलों से बकाया भुगतान व ब्याज नहीं दिलाया तथा चीनी मिलों में घटतौली को रोककर मनरेगा योजना से खेती को नहीं जोड़ा गया तो भाकियू वर्मा आगामी 6 फरवरी को गन्ना भवन का घेराव करेगी। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महामंत्री रविंद्र चौधरी व संचालन प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक ने किया।
बैठक में सुशील गुर्जर धारकी, जिला महामंत्री सुनील, भूपेंद्र चौधरी, मौ. कलीम, रविंद्र प्रधान, नीरज सैनी, सुधीर चौधरी, महबूब हसन, हाजी सुलेमान, हाजी साजिद, डा. यशपाल त्यागी, सुभाष त्यागी, सुधीर चौधरी, जोगेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
