शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड) के बीच ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग

गंगोह [24CN] : शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड) के साथ शिक्षण, अनुसंधान व अध्ययन में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन किया गया। इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के अंतर्गत छात्रों एवं शिक्षकों के विकास में प्रशिक्षण और अनुसंधान के नए अवसर विकसित होंगे। जिसमे अनुसंधान सुविधाओं का उपयोग, प्रोजेक्ट्स और शोध आवश्यकताओं के आधार पर रिसर्च स्कॉलर, छात्र, स्नातक छात्रों और संकाय अध्यापक का एक दूसरे संसथान में आदान-प्रदान का दौरा, अनेक परियोजनाएं, शैक्षणिक सामग्रियों और संयुक्त प्रकाशन विकसित करना, व्यक्तिगत अनुसंधान परियोजनाओं में सहयोग, व्याख्यान, संगोष्ठी, अंतर्राष्ट्रीय बैठक/सम्मेलन/कार्यशाला का आयोजन और अन्य प्रकार की शैक्षणिक चर्चाओं में भाग लेना, स्नातकोत्तर/डॉक्टरेट छात्रों की सह-पर्यवेक्षण आदि क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान पर भी काम करना शामिल है।
इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह की ओर से कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह व हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड) की ओर से प्रो. हेमवती नंदन, डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल द्वारा हस्ताक्षर किये गए। इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के दौरान शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह की ओर से कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह, ए.वी.आई.पी.एस डायरेक्टर प्रो.(डॉ.) भूपेंद्र चौहान व प्रो.(डॉ.) मदन कौशिक एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड) की ओर से प्रो. मुकेश मैथानी विटनेस के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड) से उपस्थित प्रो. मुकेश मैथानी को शुभकामनाएं दी और आशा व्यक्त की कि यह समझौता हमारे छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा, जिससे उनके ज्ञान और कौशल में वृद्धि होगी। यह समझौता न केवल शैक्षिक और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि इसके माध्यम से विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग और संसाधनों का आदान-प्रदान भी संभव होगा। छात्रों को नई शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे, जबकि शोधकर्ताओं को अपने अनुसंधान को और अधिक विस्तार देने के लिए नई दिशा मिलेगी। शिक्षकों को भी नए दृष्टिकोण और विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने कहा कि इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के अंतर्गत किए गए सभी समझौतों पर दोनों पक्ष अपनी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे।