जनसंख्या वृद्धि पर प्रभावशाली ढंग से रोक लगानी होगी: शीतल टण्डन
- विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिला व्यापार मण्डल द्वारा बैठक आयोजित
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि से बेरोजगारी, भूखमरी व संसाधनों की समस्या पैदा होती है जो देश के विकास में बाधक है। शीतल टंडन आज यहां विश्व जनसंख्या दिवस के कार्यक्रमों की श्रृंखला में रेलवे रोड स्थित व्यापार मण्डल मुख्यालय कार्यालय पर व्यापारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कहा कि 11 जुलाई 1987 को विश्व की जनसंख्या 5 अरब हुई थी। इसी के उपलक्ष में हर वर्ष 11 जुलाई से एक पखवाडे के लिए व्यापाक जनसम्पर्क अभियान चलाया जाता है, क्योंकि जनसंख्या बढऩे से बेरोजगारी, भूखमरी, संसाधनों की समस्या पैदा होती है।
श्री टण्डन ने कहा कि आज हमारे देश में 130 करोड़ से भी अधिक की जनसंख्या में 65 प्रतिशत लोग 25 वर्ष से 35 वर्ष की आयु हैं, जपपद सहारनपुर में पिछले 10 वर्षो में 20 प्रतिशत से भी अधिक जनसंख्या वृद्धि हुई है जिसके कारण जनपद की जनसंख्या 40 लाख का आंकडा पार कर चुकी है परन्तु जनसंख्या बढोत्तरी के साथ संसाधनों और विकास की कमी अभी भी बनी हुई है। साथ ही वाहनों की संख्या बढऩे के साथ प्र्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। यहां यह उल्लेखनीय है कि जनसंख्या वृद्धि के साथ लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता में बढोत्तरी हुई है। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश की लगभग 23 करोड़ की जनसंख्या में दो लाख लोग ऐसे हैं जिनकी आयु 100 वर्ष से अधिक है। इसमें एक लाख 25 हजार लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और 75 हजार लोग शहरी क्षेत्रों में।
सुप्रसिद्ध विचार गार्नर का कहना है कि जनसंख्या किसी भी राज्य के लिए उससे अधिक नहंी होनी चाहिए जितनी साधन सम्पन्नता राज्य के पास है अर्थात जनसंख्या किसी भी देश के लिए वरदान होती है परंतु जब वह अधिकतम सीमा रेखा को पार कर जाती है तो वह अभिशाप बन जाती है। श्री टण्डन ने कहा कि वर्तमान में जनसंख्या की दृष्टि से भारत का चीन के बाद दूसरा स्थान है। बढ़ती हुई जनसंख्या का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की जनसंख्या 36 करोड़ थी जो आज 130 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है यह विश्व की लगभग 15 प्रतिशत जनसंख्या भारत में निवास करती है जबकि भूभाग की दृष्टि से भारत का क्षेत्रफल 2.5 प्रतिशत है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए कारगर उपाय करने होंगे।
जनसंख्या वृद्धि का प्रत्यक्ष प्रभाव लोगों के जीवन स्तर पर पड़ता है। यही कारण है कि आजादी के बाद हमारे देश में कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में चमत्कारिक वृद्धि के बावजूद हमारी आय मेें संतोषजनक वृद्धि नहंी हुई है। जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि परिवार नियोजन एवं जनसंख्या हतोत्साहन की कड़वा घुंट लोगों को पिलायी जाये, इसलिए एक उपर्युक्त जनसंख्या नीति की आवश्यकता है।
बैठक में जिला जिला महामंत्री रमेश अरोडा, जिला कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मेजर एस.के.सूरी, बलदेव राज खुंगर, रमेश डावर, पवन गोयल, कर्नल संजय मिड!ढा,गुलशन नागपाल, अनिल गर्ग, संजय महेश्वरी, अभिषेक भाटिया, मुरली खन्ना, संजीव सचदेवा, विक्रम कपूर, रवि टण्डन, प्रवीन चांदना, आदि व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
