संजय राउत का सरकार से सवाल, ‘अगर पुतिन मध्यस्थता करेंगे तो उनको आप दलाल कहेंगे?’

संजय राउत का सरकार से सवाल, ‘अगर पुतिन मध्यस्थता करेंगे तो उनको आप दलाल कहेंगे?’

सर्वदलीय बैठक में सरकार ने मिडिल ईस्ट युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कहा कि हम दलाल देश नहीं हो सकते. विपक्षी दलों ने जब मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान से जुड़ा सवाल किया तो विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ये बात कही. अब इस पर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि दलाल शब्द का इस्तेमाल ठीक है. लेकिन अंतर्रराष्ट्रीय मंच पर किसी गंभीर मुद्दे पर मध्यस्थता करना, उसको दलाली नहीं कहते. इसे डिप्लोमेसी कहते हैं.

‘कोई न कोई तो मध्यस्थता करनी चाहिए थी’

संजय राउत ने कहा, “एक युद्ध हो रहा है. जंग में हजारों लोग मारे जा रहे हैं. तेल और गैस के भंडारों पर बम पड़ रहे हैं. उसका खामियाजा पूरे विश्व को खासकर हमारे जैसे राष्ट्र को भुगतना पड़ रहा है. कोई न कोई तो मध्यस्थता करनी चाहिए थी. चाहें नरेंद्र मोदी जी को करनी चाहिए थी, चाहे पुतिन, चीन के राष्ट्रपति किसी न किसी को मध्यस्थता करनी चाहिए थी. युद्ध कैसे रूकेगा?”

‘छोटे छोटे देश भी इस मामले में अपना योगदान देना चाहते हैं’

ईरान युद्ध पर संजय राउत ने आगे कहा, “छोटे छोटे देश भी इस मामले में अपना योगदान देना चाहते हैं. भारत को सबसे पहले योगदान देना चाहिए था. मध्यस्थता जिसे हमारे लोग दलाल बोलते हैं. भारत इतना महान देश है. पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी का आप इतिहास देखिए. आप डर रहे हो इसलिए दूसरे लोगों को आप दलाल बोल रहे हो. मैं पाकिस्तान की बात नहीं कर रहा हूं. पुतिन मध्यस्थता करेंगे तो उसको आप दलाल कहेंगे? फ्रांस के राष्ट्रपति अगर मध्यस्थता करेंगे तो आप उसको दलाल कहेंगे? चीन के राष्ट्रपति अगर मध्यस्थता करेंगे तो आप उसको दलाल कहेंगे? इसका मतलब है कि आप प्रेसिडेंट ट्रंप को दलाल बोल रहे हो?”

‘भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रंप ने मध्यस्थता की’

शिवसेना यूबीटी सांसद ने ये भी कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रंप ने मध्यस्थता की है. प्रसिडेंट ट्रंप ने दलाली की है क्या?” उन्होंने कहा कि हम सरकार के समर्थन रहेंगे लेकिन प्रधानमंत्री कल कहां गए? इतनी बड़ी क्राइसिस को लेकर हुई बैठक में अगर प्रधानमंत्री नहीं आते हैं और संसदीय कार्यमंत्री जवाब देने लगे तो ये कौन सी नई रीत है?


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