एसएएफ को पहली बार तीन हजार मशीन गन का आर्डर, तीन साल में सेना को देने का है लक्ष्य

 

कानपुर आयुध निर्माणियों के निगमीकरण की चर्चाओं के बीच शहर स्थित लघु शस्त्र निर्माणी (एसएएफ) को कई सौ करोड़ का आर्डर सेना की ओर से मिला है। पहली बार सेना ने तीन हजार से अधिक मशीन गन का आर्डर दिया है। इतने बड़े पैमाने पर आर्डर मिलने से निर्माणी में खुशी की लहर है।

निर्माणी के सूत्रों ने बताया कि इसी सप्ताह बोर्ड की ओर से मशीन गन के बल्क निर्माण का आर्डर मिला है। यह आर्डर तीन साल में पूरा करके देना है। सेना इससे भी जल्द आर्डर चाहती है। मशीन गन निर्माणी का मुख्य उत्पाद है। इससे पहले तक तीन सौ या चार सौ तक मशीन गन का आर्डर सेना देती रही है।

2021-22 तक आर्डर पूरा होने की संभावना है। इस साल ही एक हजार मशीन गन देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसमें लगने वाले कंपोनेंट आदि की खरीद की प्रक्रिया पर कार्य शुरू हो गया है। इतना बड़ा आर्डर मिलने के बाद कर्मचारियों को ओवर टाइम का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा तमाम औद्योगिक इकाइयों को उपकरणों के आर्डर मिलेंगे।

संयुक्त बैठक में आर्डर की दी गई जानकारी
सूत्रों ने बताया कि बुधवार को संयुक्त परामर्शदात्री लघु शस्त्र निर्माणी की बैठक हुई थी। इसमें महाप्रबंधक संजय कुमार पटनायक, अपर महाप्रबंधक तुषार त्रिपाठी, विशेष सलाहकार उपश्रमायुक्त (केंद्रीय) एसके राय के अलावा प्रतिरक्षा कर्मचारी छबिलाल यादव, केके तिवारी, जितेंद्र मोहन, संतोष यादव आदि शामिल हुए थे। यहां निर्माणी को बल्क में मिले आर्डर की जानकारी दी गई थी। इसके बाद आर्डर को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की रूपरेखा तय की गई।

मशीन गन (एमएजी) खासियत
कैलिबर : 7.62 एमएम
लेंथ :  1255 एमएम
वजन : 11 किलोग्राम बिना मैगजीन के
रेंज :1800 मीटर
रेट आफ फायर 650-1000 राउंड प्रति मिनट

 
 

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