मिडिल ईस्ट युद्ध: पाकिस्तान का जिक्र कर संजय राउत बोले, ‘ट्रंप से बात करने से अच्छा है PM मोदी…’
सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर आज (25 मार्च) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस पर संजय राउत ने कहा कि हम ये पूछेंगे कि अभी जो संघर्ष चल रहा है उसमें हमारे भारत देश की भूमिका क्या है? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसा देश एक भूमिका लेकर आज खड़ा है और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को कह रहे हैं कि हम मध्यस्थता करने को तैयार हैं. ट्रंप उसका स्वागत भी करते हैं. ट्रंप से बात करने से अच्छा है कि पीएम नरेंद्र मोदी इस देश के विपक्ष से बात करें. उनको अच्छे सुझाव मिलेंगे.
संजय राउत ने कहा, “इस बैठक में अगर प्रधानमंत्री आते हैं और बातचीत करते हैं तो सभी दलों के नेताओं को जाकर उनके सामने अपनी बात रखनी चाहिए. इस पूरे मामले भारत का अस्तित्व है कि नहीं, ये पता नहीं चल रहा है. पाकिस्तान का अभिनंदन ट्रंप ने किया है. क्योंकि पाकिस्तान ने ये पहल की है कि ईरान और इजरायल का जो युद्ध चल रहा है, उसमें हम मध्यस्थता करने को तैयार हैं. पाकिस्तान ने खुले तौर पर ये भूमिका ली है लेकिन भारत सरकार ने ये भूमिका नहीं ली है. अगर ट्रंप ने पाकिस्तान का स्वागत किया है तो मोदी जी कहां हैं?”
राजनाथ सिंह करेंगे बैठक की अध्यक्षता
बता दें कि पश्चिम एशिया में युद्ध संकट पर चर्चा के लिए सरकार ने शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे.
युद्ध का 26वां दिन
मिडिल ईस्ट में जंग का आज 26वां दिन है. ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों की 80वीं खेप दागी है. भीषण तबाही जारी है. इजरायल भी ईरान पर एयरस्ट्राइक कर रहा है.
ईरान को पाकिस्तान की मध्यस्थता मंजूर नहीं
अमेरिका-ईरान में 48 घंटे में शांति वार्ता संभव है लेकिन इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना कम है. ईरान को पाकिस्तान की मध्यस्थता मंजूर नहीं है. वार्ता के लिए ईरान की पसंद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हैं. अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर ईरान को भरोसा नहीं है.
बातचीत के लिए अमेरिका ने भेजा 15 प्वाइंट्स का एजेंडा
वहीं ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका ने 15 पॉइंट्स का एजेंडा भेजा है. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, इन शर्तों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को कब्जा मुक्त करना शामिल है.
