30 साल पुराने फर्जी मतदान और मारपीट मामले में राज बब्बर बरी, दो साल की हुई थी सजा

30 साल पुराने फर्जी मतदान और मारपीट मामले में राज बब्बर बरी, दो साल की हुई थी सजा

लखनऊ। चुनाव के दौरान हिंसा के 30 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए ने अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद राज बब्बर को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश ने निचली अदालत के दोषसिद्धि आदेश को निरस्त करते हुए उनकी अपील स्वीकार कर ली।

सुनवाई के दौरान राज बब्बर स्वयं अदालत में उपस्थित हुए। न्यायालय ने अपने निर्णय में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा सुनाई गई दो वर्ष की सजा तथा 6,500 रुपये के जुर्माने को समाप्त करते हुए उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।

गौरतलब है कि सात जुलाई 2022 को एमपी-एमएलए मामलों के विशेष एसीजेएम ने राज बब्बर को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 143, 332, 353 और 323 के तहत दोषी ठहराते हुए कुल दो वर्ष की सजा तथा जुर्माना लगाया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार दो मई, 1996 को वजीरगंज थाने में मतदान अधिकारी कृष्ण सिंह राणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया गया कि तत्कालीन लोकसभा चुनाव में राज बब्बर सपा से प्रत्याशी थे। मतदान के दौरान बूथ संख्या 192/103 पर राज बब्बर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे तथा फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए मतदान कर्मियों से मारपीट की।

राज बब्बर को दो साल की हुई थी सजा

इस घटना में मतदान अधिकारी सहित अन्य कर्मचारियों को चोटें आई थीं। पुलिस ने जांच के बाद 23 सितंबर, 1996 को राज बब्बर और अरविंद यादव के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी अरविंद यादव की मृत्यु हो जाने पर उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।

सात मार्च, 2020 को राज बब्बर के खिलाफ आरोप तय हुए थे। गवाहों के बयान के आधार पर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया था, जिसके खिलाफ राज बब्बर ने सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी, जिसके बाद अपीलीय अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें राहत दे दी है।

आरोपों से बरी होने के बाद पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि उस समय के राजनीतिक परिदृश्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के उद्देश्य से मुझ पर इस प्रकार गलत आरोप लगाए गए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण था। मैं कांग्रेस पार्टी का सिपाही हूं।

देश के लोकतंत्र और संविधान में अपनी आस्था रखता हूं। हमेशा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा तथा जनता के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करता रहूंगा।


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