
बीज शोधित उपचार कर प्रगतिशील किसान ने की गन्ने की बुआई
- सहारनपुर में गांव नैनखेड़ा में बीज शोधित करते गन्ना बुआई करते किसान।
रामपुर मनिहारान। विकास खंड के गांव नैनखेड़ा में बसंतकालीन गन्ना बुआई के मद्देनजर प्रगतिशील किसान चौ. कटार सिंह ने गन्ना प्रजाति कोलक-14201 पेड्रो विधि द्वारा बीज शोधित उपचार कर प्राकृतिक खेती के रूप में गन्ने की बुआई की।
वर्तमान युग में कृषि में अंधाधुंध रासायनिक उर्वकों के प्रचलन के चलते खाद्यान्न की गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण प्रगतिशील किसान चौ. कटार सिंह ने एक ओर जहां जहरमुक्त खेती की स्वयं शुरूआत की वहीं दूसरी ओर अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का काम कर रहे हैं। गन्ना बुआई के दौरान इकाई प्रमुख हरवेश मलिक, विभागाध्यक्ष अनिल चौहान, सहायक महाप्रबंधक गन्ना रामकुमार शर्मा, अतिरिक्त गन्ना प्रबंधक संजय सिंह मौजूद रहे। सभी अधिकारियों द्वारा गन्ना बुआई का निरीक्षण कर प्रगतिशील किसान चौ. कटार सिंह की प्रशंसा की।
तत्पश्चात गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भूमि की उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए क्योंकि आजकल जिस तरह खेती में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है उससे भूमि की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक ख्ेाती से एक ओर जहां खाद्यान्न की गुणवत्ता में सुधार होगा, वहीं वातावरण में भी बदलाव आएगा। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया। गोष्ठी का संचालन क्षेत्राधिकारी विकास योगेश शर्मा ने किया। इस दौरान सपा प्रदेश सचिव चौ. रूद्रसैन के प्रतिनिधि चौ. प्रवीण बांदूखेड़ी, रामकुमार, हनीफ तेली आदि मौजूद रहे।
