शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन

शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन

गंगोह [24CN] : शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में आज दिनाँक 28-02-2026 को स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज एवं स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतिवर्ष इस दिन को प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन के द्वारा की गई खोज “रमन इफेक्ट” के कारण मनाया जाता है, जिसके लिए उन्हें साल 1930 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विज्ञान की ओर आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि उनमें जिज्ञासा, तर्कशीलता और नवाचार की भावना विकसित करना भी है। यह दिन हमें विज्ञान के महत्व, वैज्ञानिक सोच और नई खोजों के प्रति जागरूक बनाता है। इस वर्ष की थीम— “विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को गति देने वाली शक्ति”रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ पुरे विधि विधान से सम्मानित अतिथि प्रो. एस. पी. यादव भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, मुख्य अतिथि शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह एवं कार्यक्रम में उपस्थित अन्य शिक्षकगण ने मां सरस्वती एवं बाबू विजेंद्र कुमार जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रो.(डॉ.) वरुण बंसल ने सम्मानित अतिथि प्रो. एस. पी. यादव भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह एवं कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह का स्वागत कर की। तत्पश्चात डॉ. नवीन कुमार ने सभी को विज्ञान दिवस के महत्त्व एवं देश के विकास के लिए वैज्ञानिक सोच के प्रभाव की जानकारी दी।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के छात्र एवं छात्राओं ने वैज्ञानिक कलाओं के द्वारा विभिन्न गतिविधियाँ जैसे: पोस्टर प्रस्तुति, मौखिक प्रस्तुति एवं मॉडल प्रर्दशनी मे भाग लिया। जिसमे छात्र एवं छात्राओं ने ऑटोमेटिक डस्टबिन, विजिटर काउंटर, फ्लोटिंग ब्रिज, ऑब्सटेकल डिटेक्शन रोबोट, हाइब्रिड कार आदि का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 400 से अधिक छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग लिया।

इस अवसर पर सम्मानित अतिथि प्रो. एस. पी. यादव, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विषय में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एआई आज के समय की सबसे परिवर्तनकारी तकनीकों में से एक है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे एआई और उभरती हुई तकनीकों को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि नवप्रवर्तनकर्ता के रूप में अपनाएँ।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने सर्वप्रथम कार्यक्रम के आयोजकों को अनेक शुभकामनाएं दी और अपने उद्धबोधन में कहा कि आज के युग में विज्ञान और प्रौद्योगिकी किसी भी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं। यदि युवा पीढ़ी को सही दिशा, संसाधन और अवसर दिए जाएँ, तो वे नवाचार के माध्यम से देश को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना सकते हैं। आगे कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि प्रयोगों, अनुसंधान और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भाग लें।

कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने भी सभी छात्र एवं छात्राओं को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के बारे में बताया कि यह दिन न केवल विज्ञान के महत्व को बढ़ावा देता है, बल्कि यह देश के युवाओं को प्रेरित करता है। भारतीय युवा अपनी प्रतिभा और परिश्रम से देश को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे। इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने विजेताओं को मैडल, शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर समान्नित किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रो.(डॉ.) जसवीर सिंह राणा ने सम्मानित अतिथि प्रो. एस. पी. यादव भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह एवं कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह व कार्यक्रम में उपस्थित सभी का धन्यवाद एवं आभार प्रेषित किया तत्पश्चात असिस्टेंट प्रोफेसर हामिद अली ने कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षकगण, डॉ. विश्वास सैनी, डॉ. जुल्फिकार, अनिल जोशी, महेंद्र कुमार, कामना शर्मा, प्रतिभा वर्मा, यशपाल मलिक, नितिन कुमार, रितु शर्मा, अजय शर्मा, तनवीर, अब्दुल्ला, सुमित, अंशिका अग्रवाल, आयुषी अग्रवाल, मो. अहमद, नमन सैनी, तरुण सैनी आदि शिक्षकगण उपस्थित थे।


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