संतों के प्रयासों से घरवापसी की प्रक्रिया तेज: आलोक कुमार
गोवा: विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि परिषद तथा विभिन्न संप्रदायों के संतों के संयुक्त प्रयासों से देशभर में धर्मजागरण का व्यापक वातावरण बन रहा है और गांव-मोहल्लों में घरवापसी की प्रक्रिया तेज हो रही है।
आलोक कुमार गोवा के कुंडई स्थित श्री दत्त पद्मनाभ पीठ में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगड, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग एवं गोवा क्षेत्रों में संपन्न पांच दिवसीय संत संवाद प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ कि संत समाज अब समाजजागरण के कार्य में सक्रिय रूप से आगे आ रहा है।
उन्होंने कहा कि देशभर में संत दर्शन एवं संत संवाद के ऐसे कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संत समाज धर्मांतरण जैसे विषयों पर समाज में जागरूकता उत्पन्न करेगा तथा लोगों को अपने मूल संस्कारों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करेगा।
विश्व हिंदू परिषद द्वारा देशभर में लगभग 850 संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां धर्मांतरण को रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं।
आलोक कुमार ने कहा कि, “संतों के आग्रह से समाज में जागरूकता बढ़ रही है और अनेक स्थानों पर गांव, मोहल्लों एवं बस्तियों में लोग अपने मूल धर्म में वापस आने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। जो लोग वापस आना चाहते हैं, उन्हें धार्मिक संस्कार एवं शुद्धीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाएगा।”
कहा कि “देशभर के संत इस कार्य में सक्रिय रूप से आगे आ रहे हैं और उनके सहयोग से परिषद इस अभियान को देशव्यापी स्वरूप दे रही है। संत संवाद जैसे उपक्रमों के माध्यम से यह कार्य और अधिक व्यापक होगा।”
इस प्रवास के दौरान विभिन्न संप्रदायों के संतों के साथ धर्मजागरण, सामाजिक समरसता, धर्मांतरण तथा संगठन सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। संतों ने अपने प्रवचनों एवं प्रबोधन के माध्यम से समाज जागरण करने तथा परिषद के कार्यों में सक्रिय सहयोग देने का आश्वासन दिया।
आलोक कुमार ने यह भी कहा कि धर्मजागरण के बढ़ते प्रभाव से समाज में अपने मूल संस्कारों के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है और आने वाले समय में घरवापसी के प्रयासों को और गति मिलेगी।
इस संपूर्ण प्रवास का नियोजन विश्व हिंदू परिषद महाराष्ट्र-गोवा राज्य के धार्मिक विभाग प्रमुख श्री संजय मुद्राळे द्वारा किया गया था। इस अवसर पर गोवा विभाग मंत्री श्री मोहन आमशेकर भी उपस्थित थे।
